बालोद जिले में बुधवार सुबह से शुरू हुई बारिश दोपहर बाद दो बजे के बाद तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार हो गई। लगातार बारिश से जहां शहर तरबतर हो गया और जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं धान की कटाई में जुटे किसानों की चिंता बढ़ गई। खेतों में कटी और खड़ी, दोनों तरह की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

बारिश से भीगा धान
जिले में धान कटाई का पीक सीजन चल रहा है। कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही ढेर लगा रखे थे। बारिश से धान भीग गया। दोपहर बाद तेज बारिश के दौरान किसान पॉलीथिन और तिरपाल से फसल बचाने की कोशिश करते नजर आए। वहीं, तेज हवाओं के कारण पककर तैयार खड़ी धान की फसल भी खेतों में गिर गई। जलभराव से कटी फसल में अंकुरण का खतरा बढ़ गया है। भीगे धान को मंडी में बेचने में भी परेशानी हो सकती है। इधर ग्राम पाररास, लाटाबोड़, टेकापार, कंवर और सिकोसा के किसानों ने धान की खड़ी फसल खेतों में गिरने की जानकारी दी।
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सात डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
लगातार बादल छाए रहने और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जिले का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से सात डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में ही ठंडक महसूस होने लगी।
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प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। प्रशासन ने किसानों से कटी फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की है। राजस्व विभाग को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बिजली विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
स्कूलों में रहा अवकाश
खराब मौसम के मद्देनजर जिला शिक्षा विभाग ने जिले के स्कूलों में बच्चों के लिए बुधवार को अवकाश घोषित किया। बच्चों को बारिश के दौरान खुले स्थानों पर नहीं रहने की सलाह भी दी गई। बारिश जारी रहने पर धान के साथ सब्जियों और अन्य फसलों को भी नुकसान की आशंका है।

