दिल्ली से लौटने के बाद गयाजी में बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मोकामा विधायक अनंत सिंह पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की हैं। उन्होंने कहा है कि अनंत सिंह के पार्टी लाइन से अलग जाने के कुछ सबूत मिले हैं। सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की बारीकी से समीक्षा कर रहा हूं। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार विधानसभा प्रक्रिया और नियमावली के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई विधायक पार्टी से बगावत कर किसी अन्य प्रत्याशी के समर्थन में काम करता है तो पार्टी संविधान और नियमों के दायरे में रहकर सख्त कदम उठाती है। यह बातें बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सर्किट हाउस में कहीं।
दरअसल, एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह ने जदयू उम्मीद नीरज कुमार का समर्थन न कर जन सुराज के प्रत्याशी अनुज के लिए प्रचार किया था। जिसके बाद विवाद बढ़ गया है। ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया’ प्रेम कुमार ने कहा कि जदयू नेताओं का आरोप है कि विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ जाकर चुनाव के दौरान काम किया और पार्टी विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। आरोप यह भी है कि चुनाव में अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को हराने के प्रयास में जुटे रहे। पार्टी की ओर से शिकायत पत्र के साथ वीडियो और अखबारों की कटिंग जैसे साक्ष्य भी सौंपे गए हैं। पार्टी सदस्यता रद्द करने के लिए मांग करती है प्रेम कुमार से जब सवाल किया गया कि अभी चर्चा चल रही है कि क्या अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता जाएगी ? इसपर प्रेम कुमार ने कहा कि नियमों के मुताबिक यदि कोई दल विरोधी गतिविधियों में रहता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त करने के लिए पार्टी पहले विधानसभा अध्यक्ष को अधिकृत करती है और नियमानुसार मांग रखती है। अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार किया था…. कुछ तस्वीरें… जदयू ने अनंत सिंह को 6 साल के लिए निकाला है दरअसल, मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह को जदयू ने 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। अनंत सिंह कुछ दिनों से लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रहे थे। पार्टी के सीनियर नेताओं के लिए अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था। विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार कर रहे थे।
विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। आदेश के अनुसार, पार्टी ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता अविलंब रद्द करने की अनुशंसा की है। हालांकि, यह विधानसभा सदस्यता रद्द करने का अंतिम फैसला नहीं है। पार्टी की ओर से सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। इस पर आगे का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक प्रावधानों के तहत लेंगे।
दिल्ली से लौटने के बाद गयाजी में बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मोकामा विधायक अनंत सिंह पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की हैं। उन्होंने कहा है कि अनंत सिंह के पार्टी लाइन से अलग जाने के कुछ सबूत मिले हैं। सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की बारीकी से समीक्षा कर रहा हूं। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार विधानसभा प्रक्रिया और नियमावली के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई विधायक पार्टी से बगावत कर किसी अन्य प्रत्याशी के समर्थन में काम करता है तो पार्टी संविधान और नियमों के दायरे में रहकर सख्त कदम उठाती है। यह बातें बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सर्किट हाउस में कहीं।
दरअसल, एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह ने जदयू उम्मीद नीरज कुमार का समर्थन न कर जन सुराज के प्रत्याशी अनुज के लिए प्रचार किया था। जिसके बाद विवाद बढ़ गया है। ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया’ प्रेम कुमार ने कहा कि जदयू नेताओं का आरोप है कि विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ जाकर चुनाव के दौरान काम किया और पार्टी विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। आरोप यह भी है कि चुनाव में अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को हराने के प्रयास में जुटे रहे। पार्टी की ओर से शिकायत पत्र के साथ वीडियो और अखबारों की कटिंग जैसे साक्ष्य भी सौंपे गए हैं। पार्टी सदस्यता रद्द करने के लिए मांग करती है प्रेम कुमार से जब सवाल किया गया कि अभी चर्चा चल रही है कि क्या अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता जाएगी ? इसपर प्रेम कुमार ने कहा कि नियमों के मुताबिक यदि कोई दल विरोधी गतिविधियों में रहता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त करने के लिए पार्टी पहले विधानसभा अध्यक्ष को अधिकृत करती है और नियमानुसार मांग रखती है। अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार किया था…. कुछ तस्वीरें… जदयू ने अनंत सिंह को 6 साल के लिए निकाला है दरअसल, मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह को जदयू ने 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। अनंत सिंह कुछ दिनों से लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रहे थे। पार्टी के सीनियर नेताओं के लिए अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था। विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार कर रहे थे।
विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। आदेश के अनुसार, पार्टी ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता अविलंब रद्द करने की अनुशंसा की है। हालांकि, यह विधानसभा सदस्यता रद्द करने का अंतिम फैसला नहीं है। पार्टी की ओर से सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। इस पर आगे का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक प्रावधानों के तहत लेंगे।

