कल करवा चौथ है और बाजारों में गहनों की खूब खरीदारी हो रही है। इस बार खदान से निकलने वाले असली हीरों के मुकाबले लैब-ग्रोन डायमंड यानी लैब में तैयार हीरों की काफी डिमांड है। लैब में बने हीरे असली हीरों से करीब 70% तक सस्ते मिलते हैं। खास बात तो ये है कि इनकी चमक, मजबूती और बनावट में रत्ती भर भी फर्क नहीं होता। अगर आप भी इस करवा चौथ लैब में बने डायमंड की ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो टैक्स, GST, मेकिंग चार्ज और रीसेल से जुड़े नियम पहले जरूर समझ लें। 1. लैब-ग्रोन डायमंड क्या होते हैं , क्या ये असली हीरे हैं? ऑकेरा की सह-संस्थापक और सीईओ लिसा मुखेड़कर के अनुसार, लैब में बने हीरे 100% असली होते हैं। चमक, मजबूती और बनावट में ये खदान वाले हीरों जैसे ही होते हैं। 2. लैब-ग्रोन हीरे की ज्वेलरी पर कितना GST लगता है? फाइनेंशियल एजुकेटर और सीए साक्षी जैन के मुताबिक, लैब वाले हीरों पर भी टैक्स की दरें आम हीरों और सोने की तरह ही हैं। 3. खरीदारी करते समय सर्टिफिकेट और हॉलमार्क की जांच कैसे करें? खरीदारी करते समय डायमंड और सोने दोनों के कंपोनेंट को अलग-अलग चेक करना चाहिए: 4. मेकिंग चार्ज कितना है और बिल बनवाते समय किन बातों का ध्यान रखें? ज्वेलरी की बनवाई का कोई एक पक्का रेट नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि डिजाइन कितना बारीक है, गहना हाथ से बना है या मशीन से, और आप उसे किसी ब्रांडेड शोरूम से खरीद रहे हैं या स्थानीय सुनार से।
करवा चौथ पर लैब में बने डायमंड की डिमांड:असली हीरे जैसी चमक, कीमत 70% कम; खरीदने से पहले जानें 4 बातें

