चंडीगढ़ में छत से गिरकर बेतिया के युवक की मौत:रोजगार की तलाश में 4 दिन पहले गया था, परिवार का इकलौता बेटा था

चंडीगढ़ में छत से गिरकर बेतिया के युवक की मौत:रोजगार की तलाश में 4 दिन पहले गया था, परिवार का इकलौता बेटा था

पश्चिम चंपारण के युवक की चंडीगढ़ में छत से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान योगापट्टी थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव निवासी हरि यादव का बेटा पप्पू यादव (21) के रूप में हुई है। पप्पू रोजगार की तलाश में चार-पांच दिन पहले ही चंडीगढ़ गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह वहां काम कर घर की आर्थिक मदद करेगा। बताया गया कि काम पर जाने से पहले वह अपने कमरे की छत पर गया था, जहां पैर फिसलने से वह नीचे गिर गया। पप्पू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनों में से दो की शादी हो चुकी है, जबकि एक की शादी बाकी है। परिवार को पप्पू से काफी उम्मीदें थीं। आर्थिक सहायता देने की उठी मांग

घटना के बाद भटवलिया गांव में शोक का माहौल है। परिजनों के सामने अब आर्थिक संकट की चिंता भी खड़ी हो गई है। मुखिया मुकेन्द्र यादव और मृतक के परिजनों ने सरकार एवं जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना इकलौता कमाऊ सहारा खो दिया है। ऐसे कठिन समय में सरकारी मदद मिलने से पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सकती है। पप्पू की असमय मौत ने एक परिवार के सपनों को उजाड़ दिया है और गांव में हर आंख नम है। पश्चिम चंपारण के युवक की चंडीगढ़ में छत से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान योगापट्टी थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव निवासी हरि यादव का बेटा पप्पू यादव (21) के रूप में हुई है। पप्पू रोजगार की तलाश में चार-पांच दिन पहले ही चंडीगढ़ गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह वहां काम कर घर की आर्थिक मदद करेगा। बताया गया कि काम पर जाने से पहले वह अपने कमरे की छत पर गया था, जहां पैर फिसलने से वह नीचे गिर गया। पप्पू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनों में से दो की शादी हो चुकी है, जबकि एक की शादी बाकी है। परिवार को पप्पू से काफी उम्मीदें थीं। आर्थिक सहायता देने की उठी मांग

घटना के बाद भटवलिया गांव में शोक का माहौल है। परिजनों के सामने अब आर्थिक संकट की चिंता भी खड़ी हो गई है। मुखिया मुकेन्द्र यादव और मृतक के परिजनों ने सरकार एवं जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना इकलौता कमाऊ सहारा खो दिया है। ऐसे कठिन समय में सरकारी मदद मिलने से पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सकती है। पप्पू की असमय मौत ने एक परिवार के सपनों को उजाड़ दिया है और गांव में हर आंख नम है।  

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