इंदौर की जल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम करीब 30 MLD क्षमता का नया संप तैयार कर रहा है। करीब 30 फीट ऊंचे इस संप से शहर के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में पानी के वितरण और सप्लाई को संतुलित करने में मदद मिलेगी। इसके जरिए हवा बंगला, कैट रोड, रेती मंडी, प्रगति नगर, अन्नपूर्णा, स्कीम नंबर 71, चंदन नगर और सिरपुर क्षेत्र की ओवरहेड टंकियों को भरा जाएगा। निगम का लक्ष्य जनवरी के पहले सप्ताह से इसके माध्यम से पानी की सप्लाई शुरू करना है। जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि संप का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि, निर्माण स्थल पर कठोर चट्टानें होने के कारण खुदाई में ज्यादा समय लगा। यदि काम इसी गति से चलता रहा तो जनवरी के पहले सप्ताह से शहरवासियों को इसका लाभ मिलने लगेगा। ऊंचाई पर स्थित टंकियां भरने के लिए बंद करनी पड़ती है एबी रोड की लाइन उन्होंने बताया कि इंदौर में पानी की सप्लाई ग्रेविटी मेन लाइन के माध्यम से होती है। शहर में बायपास, रिंग रोड, एबी रोड और महिला पॉलिटेक्निक क्षेत्र से जुड़ी चार प्रमुख लाइनें हैं। इनमें महिला पॉलिटेक्निक का क्षेत्र शहर के सबसे ऊंचाई वाले इलाकों में शामिल है। यहां की पानी की टंकी भरने के लिए एबी रोड की लाइन बंद करनी पड़ती है। इसके बाद विकसित होने वाले पानी के दबाव से टंकी भरी जाती है। नए रिजर्वायर के शुरू होने से पानी का दबाव बनाए रखने और टंकियों को तेजी से भरने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही बीआरटीएस लाइन से होने वाली पानी की सप्लाई भी लगातार जारी रखी जा सकेगी।
कम बारिश से जलस्रोतों में पानी घटा, गर्मियों की सप्लाई को लेकर तैयारी जलकार्य प्रभारी के मुताबिक इस साल कम बारिश होने से शहर के जलस्रोत अपनी पूरी क्षमता तक नहीं भर पाए हैं। यशवंत सागर से मुख्य रूप से एरोड्रम रोड और आसपास के क्षेत्रों की टंकियों में पानी पहुंचाया जाता है। इस सप्लाई से करीब 20 हजार से ज्यादा परिवार तक पानी पहुंचाया जाता है। वहीं, बिलावली, लिम्बोदी और सिरपुर तालाब भी इस वर्ष अपनी पूर्ण क्षमता से कम भरे हैं। बिलावली तालाब भूजल स्तर को रिचार्ज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में तालाबों में पानी कम होने से आने वाले गर्मी के मौसम में जलापूर्ति की चुनौती बढ़ सकती है। गंभीर नदी की लाइन से पानी लेने की तैयारी, विभाग से मिली सहमति विभाग गंभीर नदी की लाइन से भी पानी लेने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में संबंधित विभाग से बातचीत की गई है और सहमति भी मिली है। राऊ से गुजरने वाली गंभीर की लाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस व्यवस्था के शुरू होने से यशवंत सागर पर निर्भर क्षेत्रों की पानी की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी। निगम का प्रयास है कि गर्मियों के दौरान पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों का भी उपयोग किया जाए। सभी 85 वार्डों में लगेंगे हाइड्रेंट, बड़े वार्डों में दो से तीन की व्यवस्था शर्मा ने बताया कि शहर में पानी की सप्लाई को सुचारू रखने के लिए नगर निगम सभी 85 वार्डों में हाइड्रेंट लगाने की योजना पर काम कर रहा है। प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक हाइड्रेंट लगाया जाएगा, जबकि बड़े वार्डों में दो से तीन हाइड्रेंट लगाने की तैयारी है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा, जहां भूमिगत जल और बोरिंग के माध्यम से पानी की सप्लाई होती है। हाइड्रेंट की मदद से टैंकरों में पानी भरने और जरूरत वाले इलाकों तक पहुंचाने की व्यवस्था बेहतर की जा सकेगी। 100 नए टैंकर खरीदने का प्रस्ताव एमआईसी में आएगा गर्मियों में पानी की मांग को देखते हुए नगर निगम 100 नए टैंकर लाने की तैयारी कर रहा है। इसका प्रस्ताव अगली एमआईसी बैठक में रखा जाएगा, ताकि जल्द से जल्द नए टैंकरों को खरीदा जा सके। गर्मियों से पहले 6 हजार बोरिंग की मरम्मत नगर निगम गर्मियों से पहले शहर के 6 हजार सरकारी बोरिंग की मरम्मत कराएगा। इसके तहत खराब मोटर बदली जाएंगी और तकनीकी समस्याएं दूर की जाएंगी, ताकि गर्मियों में जलापूर्ति प्रभावित न हो।

