मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक एमएलसी सीट पर श्रीचंद शर्मा ने 2026 के चुनाव में 13241 वोट के साथ एक बार फिर जीत दर्ज की है। शिक्षक राजनीति में अपनी पहचान बनाने वाले श्रीचंद शर्मा का सामाजिक और राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से शुरू हुआ। संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2020 में पहली बार शिक्षक एमएलसी निर्वाचित होने के बाद अब 2026 में दोबारा इस सीट पर जीत हासिल की है। धूम मानिकपुर गांव में हुआ जन्म श्रीचंद शर्मा का जन्म 15 जून 1966 को गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी के पास धूम मानिकपुर गांव में एक सामान्य ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बचपन से ही मेधावी छात्र रहे शर्मा ने गांव में रहकर शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने ज्योतिष शास्त्र से स्नातक किया और शिक्षा के क्षेत्र में साहित्य रत्न की उपाधि भी प्राप्त की। शिक्षा के प्रति रुचि के चलते उन्होंने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। इसी उद्देश्य से केशव माधव शिक्षण संस्थान की स्थापना की। इस संस्थान में हाईस्कूल, आईटीआई, लॉ, डीफार्मा, बीएससी नर्सिंग और जीएनएम सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। संघ से शुरू हुआ राजनीतिक सफर श्रीचंद शर्मा ने वर्ष 1988 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में सामाजिक कार्यों की शुरुआत की। वर्ष 1996 में उन्हें विश्व हिंदू परिषद का जिला प्रमुख बनाया गया। इसके बाद 1998 में गौतमबुद्धनगर के सहकारिता प्रकोष्ठ का अध्यक्ष और वर्ष 2000 में संघ के जिला प्रचार प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2004 से 2007 तक उन्होंने भाजपा गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2013 से 2016 तक भाजपा पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रहे। वह पश्चिम उत्तर प्रदेश में सदस्यता प्रमुख, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। 2020 में पहली बार बने थे एमएलसी वर्ष 2019 में भाजपा ने श्रीचंद शर्मा को मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक एमएलसी सीट से प्रत्याशी घोषित किया था। एक दिसंबर 2020 को हुए चुनाव में उन्होंने तत्कालीन शिक्षक एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा को हराकर पहली बार विधान परिषद में जगह बनाई थी। ओमप्रकाश शर्मा लंबे समय से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। अब 2026 के चुनाव में दोबारा जीत दर्ज कर श्रीचंद शर्मा ने शिक्षक क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत किया है। भाजपा संगठन में भी वह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें विभिन्न जिलों में प्रभारी और चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में भी वह चुनाव प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।

