दिल्ली उच्च न्यायालय ने जयपुर पोलो ग्राउंड परिसर में स्थित रेस कोर्स मस्जिद को टूटने से बचाने के लिए दायर एक व्यक्ति की याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा। सैयद अहमद सऊद नामक व्यक्ति की याचिका में मस्जिद के प्रवेश स्थल को बहाल करने की मांग भी की गई है। न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार के वकील को निर्देश लेकर बृहस्पतिवार को पेश होने के लिए कहा।
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील आशीष दीक्षित ने कहा कि उक्त परिसर में एक मस्जिद और एक मंदिर है और फिलहाल इन्हें ध्वस्त करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। दिल्ली वक्फ बोर्ड के वकील ने कहा कि उसने इस मामले में भूमि एवं विकास कार्यालय और अन्य संबंधित अधिकारियों के समक्ष एक प्रतिवेदन दिया है। दीक्षित ने कहा कि वक्फ बोर्ड और याचिकाकर्ता की ओर से दिए गए प्रतिवेदनों पर अधिकारी फैसला करेंगे।
याचिकाकर्ता के वकील एम. सुफियान सिद्दीकी ने अदालत से अनुरोध किया कि तब तक मस्जिद में प्रवेश की अनुमति दी जाए। अदालत ने जब पूछा कि इलाके में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ होने के बावजूद याचिकाकर्ता मस्जिद को सुरक्षा देने की मांग कैसे कर रहा है, तो सिद्दीकी ने कहा कि मस्जिद द्वितीय-ग्रेड की संरक्षित इमारत है और इसलिए उसमें किसी भी तरह का बदलाव करने के लिए विरासत एवं संरक्षण समिति की मंजूरी जरूरी है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि मस्जिद 1977 से अधिसूचित वक्फ संपत्ति है, लेकिन दिल्ली वक्फ बोर्ड ने यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया कि लोगों को वहां आने-जाने की अनुमति मिलती रहे।

