रतलाम में पहले मासूम की जान गई, अब महिला पर हमला, बेहोश

रतलाम में पहले मासूम की जान गई, अब महिला पर हमला, बेहोश

रतलाम। पलसोड़़ी में डॉग बाइट से ढाई-तीन साल की मासूम की मौत के बाद भी आवारा कुत्तों का आतंक थम नहीं रहा है। मंगलवार शाम नामली के चोपड़ा चौराहे पर कुत्तों के झुंड ने बाइक सवार महिला पर हमला कर दिया। कुत्ते के काटने से संतुलन बिगडऩे पर महिला सडक़ पर गिर गई। उसे बचाने पहुंचे युवक को भी कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को बेहोशी की हालत में रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7.30 बजे जावरा से रतलाम जा रही बाइक पर पीछे बैठी 32 वर्षीय अलमाश पत्नी इसराद अहमद पर चोपड़ा चौराहे के पास कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों ने महिला के पैर में काट लिया। अचानक हुए हमले से बाइक का संतुलन बिगड़ा और महिला नीचे गिर गई। इसके बाद भी कुत्ते उस पर हमला करने की कोशिश करते रहे।

मेडिकल कॉलेज रेफर महिला
चौराहे पर मौजूद नामली नगर परिषद के पूर्व पार्षद के पति धनराज दडिंग महिला को बचाने पहुंचे तो कुत्तों ने उन पर भी हमला कर दिया। एक पैर में काटने से वे घायल हो गए और खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र पर दोनों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन देकर प्राथमिक उपचार किया गया। महिला की हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

वाहनों के पीछे दौड़ते-भौंकते कुत्तें
नामली के रहवासी आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों से परेशान हैं। लोगों के अनुसार, गली-मोहल्लों में कुत्तों के झुंड बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों के आसपास मंडराते रहते हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहन निकलने पर भी कुत्ते पीछे दौड़ते और भौंकते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। घरों के बाहर रखे जूते-चप्पल उठाकर ले जाने और उन्हें काटकर बिखेरने से भी लोग परेशान हैं।

कुत्तों पर नियंत्रण का मुद्दा फिर गंभीर
पलसोड़़ी में मासूम की मौत और नामली में लगातार हो रहे हमलों के बीच कुत्तों पर नियंत्रण का मुद्दा फिर गंभीर हो गया है। रहवासियों में नगर परिषद के प्रति नाराजगी है। अब सवाल है कि जिम्मेदार इस समस्या पर कब प्रभावी कार्रवाई करेंगे। लोगों को राहत दिलाने के लिए संवेदनशील इलाकों में निगरानी, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और कुत्तों के प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।

जिला अस्पताल में रोज पहुंच रहे 15 से 20 डॉग बाइट के मामले
रतलाम जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 15 से 20 डॉग बाइट के मामले सामने आने की जानकारी है। इसके बावजूद शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। हाल ही में पलसोड़़ी में मासूम की मौत और अब नामली में महिला व उसे बचाने पहुंचे युवक पर हमले ने चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह है कि कुत्तों पर नियंत्रण के लिए जिम्मेदार निकाय ठोस कदम कब उठाएंगे।

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