रामपुर जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान मंगलवार को दो मुकदमों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। गवाह को धमकाने के मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय की है। वहीं, जौहर यूनिवर्सिटी के लिए आलियागंज के 26 किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप से जुड़े मामले में अगली सुनवाई 12 नवंबर 2026 को होगी। दोनों मामलों में आजम खान जेल से ही अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। गवाह को धमकाने के मामले में 31 अक्टूबर को सुनवाई आजम खान के खिलाफ गवाह को धमकाने का मुकदमा रामपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में विचाराधीन है। यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बेरियान निवासी नन्हे की शिकायत पर दर्ज किया गया था। नन्हे ने 17 अगस्त 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि डूंगरपुर प्रकरण में आजम खान के खिलाफ गवाही देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। इस मामले में तत्कालीन शहर कोतवाल और विवेचक रहे सेवानिवृत्त निरीक्षक गजेंद्र पाल त्यागी की गवाही भी दर्ज हो चुकी है। मंगलवार को सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की। जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन के मामले में 12 नवंबर को सुनवाई दूसरा मामला जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने के आरोपों से जुड़ा है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निकट आलियागंज के 26 किसानों की जमीन पर कब्जा किया गया था। इस मामले की सुनवाई भी एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को आजम खान की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 12 नवंबर 2026 तय की। दोनों मुकदमों में अदालत ने अलग-अलग तारीखें निर्धारित की हैं।

