करौली जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर हुए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बच्चों को उनके कानूनी अधिकार, सुरक्षित स्कूल और बाल संरक्षण के बारे में बताया। इसका मकसद बच्चों को जागरूक करना और उन्हें भयमुक्त माहौल में शिक्षा के लिए प्रेरित करना था। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर ये शिविर लगे। इनमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह मीना, न्यायिक अधिकारी और पैनल अधिवक्ता शामिल हुए।
करौली, हिंडौन, टोडाभीम, नादौती, सपोटरा, मंडरायल और श्रीमहावीरजी क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों को बताया गया कि हर विद्यार्थी को सुरक्षित माहौल में पढ़ने का अधिकार है। वक्ताओं ने सुरक्षित भवन, पीने का पानी, शौचालय और खेल मैदान जैसी सुविधाओं की जरूरत भी बताई। विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा के अधिकार कानून 2009 और बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन पर कानूनी मदद की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की योजनाएं और मुफ्त कानूनी सहायता पाने का तरीका भी समझाया गया।
शिविरों में कहा गया कि किसी भी असुरक्षा, शोषण या अधिकारों के उल्लंघन पर चुप नहीं रहें। जरूरत पड़ने पर नालसा हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क कर कानूनी सहायता लें। बच्चों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।

