कुएं में गिरे तेंदुए को वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने चारपाई और जाल से बाहर निकाल लिया। इस अभियान में डेढ़ घंटे का वक्त लगा। घटना मंगलवार को ब्यावर में टॉडगढ़ रावली अभयारण्य की रावली रेंज में हुई। टीम को रेंज के एक कुएं में लेपर्ड के गिरे होने की सूचना मिली थी। यह कुआं ब्यावर जिले के बाहनहेड़ा के काजलवास गांव में एक खेत में था। खेत का मालिक मोटर स्टार्ट करने कुएं के पास गया तो कुएं में लेपर्ड नजर आया। उसने राजसमंद वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना पर उपवन संरक्षक वन्यजीव राजसमंद डीएफओ डॉ. रामानंद भाकर ने रेस्क्यू टीम को मौके के लिए रवाना किया। टीम में शूटर सुरेंद्र सिंह शक्तावत, वनरक्षक अटल सिंह, पन्नालाल कुमावत और गणपत नाथ और अन्य सदस्य शामिल थे। ट्रेंकुलाइज नहीं किया गया टीम सदस्य के मुताबिक- मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे हम मौके पर पहुंच चुके थे। लेपर्ड कुएं में था इसलिए उसे ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सकता था। बेहोश होकर उसके पानी में डूबने का खतरा था। ऐसे में बिना ट्रेंकुलाइज किए बाहर निकालना तय किया। हमने गांव वालों की मदद ली और मौके पर चारपाई मंगाई। चारपाई को रस्सियों से बांधकर कुए में लटका दिया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद लेपर्ड चारपाई पर चढ़ गया। टीम मेंबर ने चारपाई को समानांतर ऊपर खींचकर लेपर्ड को बचा लिया। दूसरी टीम जाल लेकर खड़ी थी। चारपाई के ऊपर आने के बाद जाल से लेपर्ड को कवर कर दिया और बाहर निकालकर पिंजरे में शिफ्ट कर दिया। जंगल में सुरक्षित छोड़ा वन विभाग के रेंजर जितेंद्र सिंह ने बताया- लेपर्ड 4 साल की मादा थी और पूरी तरह स्वस्थ थी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया।

