कानपुर में 1.05 लाख विद्यार्थियों ने गाया वंदे मातरम्:26 से 30 नवंबर तक हिन्दू-अध्यात्मिक सेवा मेले का होगा आयोजन

कानपुर में 1.05 लाख विद्यार्थियों ने गाया वंदे मातरम्:26 से 30 नवंबर तक हिन्दू-अध्यात्मिक सेवा मेले का होगा आयोजन

कानपुर में मंगलवार को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के जरिए राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया गया। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के आह्वान पर महानगर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। आयोजकों के मुताबिक, सूचना जारी किए जाने तक करीब 1 लाख 5 हजार 791 छात्र-छात्राओं, आचार्यों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया। इस दौरान विद्यालयों में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सेवा के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही 26 से 30 नवंबर तक बृजेन्द्र स्वरूप पार्क, बेनाझाबर में आयोजित होने वाले हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। CSJMU के सभागार में भी हुआ आयोजन छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के सेनानायक तात्या टोपे सभागार में भी हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के तत्वावधान में सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगीत गाकर देश के प्रति सम्मान और समर्पण का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पालीवाल डायग्नोस्टिक सेंटर के अध्यक्ष उमेश पालीवाल ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, प्राचीन परंपराओं और जीवन-मूल्यों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आगामी सेवा मेले में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् की भूमिका बताई कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक भवानी भीख तिवारी ने वंदे मातरम् के इतिहास और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना की भावना मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान, कौशल और ऊर्जा का उपयोग समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया। कहा कि समाज को ऐसे लोगों के जीवन से भी प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने अपना समय और सामर्थ्य जनकल्याण के लिए समर्पित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. हारेंद्र मुर्झानी, दीनदयाल शोध केंद्र के निदेशक प्रो. दिग्विजय शर्मा, समन्वयक डॉ. हरीश शर्मा और डॉ. एसके द्विवेदी सहित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। 26 से 30 नवंबर तक लगेगा हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला आयोजकों के अनुसार, कानपुर के बृजेन्द्र स्वरूप पार्क, बेनाझाबर में 26 से 30 नवंबर 2026 तक हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का आयोजन किया जाएगा। विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों को मेले के उद्देश्य और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। आयोजन समिति के मुताबिक, मेले के माध्यम से भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक एवं मानवीय मूल्यों और सामाजिक सेवा से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। विभिन्न कार्यक्रमों में भवानी भीख तिवारी, नवेंदु शुक्ला, संजीव दीक्षित, बृजमोहन और गुणवंत कोठारी ने भी हिस्सा लेकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सेवा मेले को सफल बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया।

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