Abhishek Sharma ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 113 रन जड़ने के बाद कहा, आसान नहीं Yuvraj Singh का रिकॉर्ड

Abhishek Sharma ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 113 रन जड़ने के बाद कहा, आसान नहीं Yuvraj Singh का रिकॉर्ड

भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बचपन से युवराज सिंह को अपना आदर्श मानते रहे हैं, लेकिन अपने गुरु की 12 गेंदों में अर्धशतक जड़ने की चुनौती स्वीकार करने के लिए वह अभी तैयार नहीं हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय में मंगलवार को मैच जिताऊ शतक लगाने वाले अभिषेक ने कहा कि इतनी कम गेंदों में 50 रन बनाना बिल्कुल आसान नहीं है। अभिषेक ने 38 गेंद में नौ चौकों और 11 छक्कों की मदद से 113 रन की आक्रामक पारी खेली।उनकी इस पारी के बूते भारत ने जीत के लिए मिले 199 रन के लक्ष्य को 40 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। भारत की छह विकेट की जीत के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ पुरस्कार के लिए चुने गये अभिषेक ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उस समय युवराज किस तरह की क्रिकेट खेल रहे थे, लेकिन यह बिल्कुल भी आसान नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ कोई बल्लेबाज अगर इस तरह खेलने के इरादे से मैदान पर उतरता है तो भी यह आसान नहीं होगा। आप यूं ही मैदान पर जाकर 12 गेंदों में 50 रन नहीं बना सकते।ऐसा कभी-कभार ही होता है।’’
अभिषेक ने कहा कि उनका और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का मुख्य उद्देश्य टीम को तेज शुरुआत दिलाना और उस लय को बरकरार रखना था। उन्होंने कहा, ‘‘एक बल्लेबाज के तौर पर हम ऐसे रिकॉर्ड के पीछे नहीं भागते। हमारा लक्ष्य हमेशा टीम को मैच जिताना होता है।खासकर वैभव के साथ हमारी यही योजना थी। हम श्रृंखला के बाकी मैचों में भी इसी अंदाज को जारी रखना चाहते हैं और इस बार हमारी योजना सफल रही।’’
अभिषेक ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का श्रेय टीम के कोचिंग स्टाफ और अभ्यास सत्रों को दिया। उन्होंने बताया कि साइडआर्म से फेंकी जाने वाली गेंदों के खिलाफ लगातार अभ्यास करने से उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली में बल्लेबाजी करने में मदद मिली।उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि यह आसान है। इसके लिए की गई तैयारी अहम होती है। मैं हमारे कोचों का विशेष रूप से जिक्र करना चाहूंगा, क्योंकि हम साइडआर्म से फेंकी जाने वाली गेंदों के खिलाफ काफी अभ्यास कर रहे हैं।’’
अभिषेक ने कहा कि बल्लेबाजी करते समय पिच की परिस्थितियों, मैदान के आकार और गेंदबाजों की शैली को ध्यान में रखना जरूरी होता है।उन्होंने कहा, ‘‘आपके दिमाग में पिच की परिस्थितियां और बाउंड्री की दूरी रहती हैं। साथ ही गेंदबाज को भी ध्यान में रखना होता है और उसी के अनुसार शॉट खेलने होते हैं। मैं भी यही करता हूं।’’
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने बताया कि सोमवार का अभ्यास सत्र काफी अच्छा रहा था और वह उसका पूरा फायदा उठाना चाहते थे।उन्होंने कहा, ‘‘कल हमारा अभ्यास सत्र अच्छा रहा था। मैं उसका पूरा फायदा उठाना चाहता था और मैंने वही किया। मुझे लगता है कि मैंने इस पारी की कल्पना पहले ही कर ली थी और फिर वैसा ही हुआ।’’
अभिषेक ने वैभव सूर्यवंशी की भी तारीफ की और कहा कि पहली ही गेंद से उनके आक्रामक अंदाज ने भारतीय पारी को गति प्रदान की।उन्होंने कहा, ‘‘वैभव ने पहले ओवर में जिस तरह शुरुआत की, वह वाकई खास था। हमारी योजना टीम को शुरुआती गति दिलाने और फिर उसी लय को बनाए रखने की थी।’’ 

भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बचपन से युवराज सिंह को अपना आदर्श मानते रहे हैं, लेकिन अपने गुरु की 12 गेंदों में अर्धशतक जड़ने की चुनौती स्वीकार करने के लिए वह अभी तैयार नहीं हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय में मंगलवार को मैच जिताऊ शतक लगाने वाले अभिषेक ने कहा कि इतनी कम गेंदों में 50 रन बनाना बिल्कुल आसान नहीं है। अभिषेक ने 38 गेंद में नौ चौकों और 11 छक्कों की मदद से 113 रन की आक्रामक पारी खेली।

उनकी इस पारी के बूते भारत ने जीत के लिए मिले 199 रन के लक्ष्य को 40 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। भारत की छह विकेट की जीत के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ पुरस्कार के लिए चुने गये अभिषेक ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उस समय युवराज किस तरह की क्रिकेट खेल रहे थे, लेकिन यह बिल्कुल भी आसान नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ कोई बल्लेबाज अगर इस तरह खेलने के इरादे से मैदान पर उतरता है तो भी यह आसान नहीं होगा। आप यूं ही मैदान पर जाकर 12 गेंदों में 50 रन नहीं बना सकते।

ऐसा कभी-कभार ही होता है।’’
अभिषेक ने कहा कि उनका और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का मुख्य उद्देश्य टीम को तेज शुरुआत दिलाना और उस लय को बरकरार रखना था। उन्होंने कहा, ‘‘एक बल्लेबाज के तौर पर हम ऐसे रिकॉर्ड के पीछे नहीं भागते। हमारा लक्ष्य हमेशा टीम को मैच जिताना होता है।

खासकर वैभव के साथ हमारी यही योजना थी। हम श्रृंखला के बाकी मैचों में भी इसी अंदाज को जारी रखना चाहते हैं और इस बार हमारी योजना सफल रही।’’
अभिषेक ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का श्रेय टीम के कोचिंग स्टाफ और अभ्यास सत्रों को दिया। उन्होंने बताया कि साइडआर्म से फेंकी जाने वाली गेंदों के खिलाफ लगातार अभ्यास करने से उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली में बल्लेबाजी करने में मदद मिली।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि यह आसान है। इसके लिए की गई तैयारी अहम होती है। मैं हमारे कोचों का विशेष रूप से जिक्र करना चाहूंगा, क्योंकि हम साइडआर्म से फेंकी जाने वाली गेंदों के खिलाफ काफी अभ्यास कर रहे हैं।’’
अभिषेक ने कहा कि बल्लेबाजी करते समय पिच की परिस्थितियों, मैदान के आकार और गेंदबाजों की शैली को ध्यान में रखना जरूरी होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘आपके दिमाग में पिच की परिस्थितियां और बाउंड्री की दूरी रहती हैं। साथ ही गेंदबाज को भी ध्यान में रखना होता है और उसी के अनुसार शॉट खेलने होते हैं। मैं भी यही करता हूं।’’
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने बताया कि सोमवार का अभ्यास सत्र काफी अच्छा रहा था और वह उसका पूरा फायदा उठाना चाहते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘कल हमारा अभ्यास सत्र अच्छा रहा था। मैं उसका पूरा फायदा उठाना चाहता था और मैंने वही किया। मुझे लगता है कि मैंने इस पारी की कल्पना पहले ही कर ली थी और फिर वैसा ही हुआ।’’
अभिषेक ने वैभव सूर्यवंशी की भी तारीफ की और कहा कि पहली ही गेंद से उनके आक्रामक अंदाज ने भारतीय पारी को गति प्रदान की।

उन्होंने कहा, ‘‘वैभव ने पहले ओवर में जिस तरह शुरुआत की, वह वाकई खास था। हमारी योजना टीम को शुरुआती गति दिलाने और फिर उसी लय को बनाए रखने की थी।’’

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