उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में वकील के रिश्तेदार के प्लॉट पर कब्जा और जान से मारने की धमकी के विरोध में चल रहा वकीलों का धरना सोमवार रात करीब 12:30 बजे खत्म हो गया। इससे पहले भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए वकीलों ने सवीना थानाधिकारी दलबीर सिंह को लाइन हाजिर करने की मांग उठाई थी। इस दौरान वकीलों और सीआई की आमने-सामने बातचीत में सहमति बनी। वार्ता में एसपी डॉ. अमृता दुहन-एएसपी उमेश ओझा मौजूद थे। आईजी ने स्पष्ट किया कि सीधे लाइन हाजिर करने से पुलिस का मनोबल टूटेगा, लेकिन उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने पर सीआई पर कार्रवाई की बात कही। इसके बाद धरना खत्म हो गया। प्रतिनिधिमंडल में बार अध्यक्ष जितेंद्र जैन, राजेश जाजोदिया, राव रतन सिंह, पूर्व अध्यक्ष राकेश मोगरा, मनीष शर्मा, भरत जोशी आदि शामिल थे। पथराव के बाद कार्रवाई नहीं करने का आरोप बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी ने बताया कि यह पूरा विवाद साथी वकील राजेश जाजोदिया के रिश्तेदार देवेन्द्र अग्रवाल के गोविंद नगर स्थित प्लॉट से जुड़ा है। आरोपी कौशल आमेटा इस प्लॉट पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। रविवार को जब प्लॉट मालिक देवेन्द्र अग्रवाल और वकील वहां सफाई करवा रहे थे, तब आरोपी कौशल आमेटा ने उन पर पथराव कर दिया। चेतनपुरी गोस्वामी का आरोप है कि जब वकील ने इस हमले की रिपोर्ट थाने में दी, तो पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि थानाधिकारी की लापरवाही के कारण ही इलाके में भूमाफिया पनप रहे हैं, इसलिए सीआई को तुरंत थाने से हटाकर लाइन हाजिर किया जाना चाहिए।

