सोनभद्र मे वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सोमवार को रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक स्थित डायट परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 225 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें 216 हिंदू जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाज से अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए, जबकि नौ मुस्लिम जोड़ों का निकाह उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुसार कराया गया। वैवाहिक गीतों और आदिवासी समुदाय के पारंपरिक करमा नृत्य ने समारोह को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गौड़ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी विशिष्ट अतिथि रहीं। रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवदंपतियों को सुखमय वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। समाज कल्याण विभाग की ओर से जिला प्रशासन की निगरानी में आयोजित कार्यक्रम में राज्य मंत्री समाज कल्याण संजीव कुमार गोंड समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। विकास खंड रॉबर्ट्सगंज के 38, करमा के 19, चतरा के 11, नगवां के पांच, दुद्धी के 15, म्योरपुर के 43, घोरावल के 29, चोपन के 21, कोन के आठ और बभनी के 24 जोड़ों का विवाह कराया गया। नगर पालिका क्षेत्र के 12 जोड़े भी परिणय सूत्र में बंधे। समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गौड ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। इसमें 60 हजार रुपये लाभार्थी बेटी के खाते में दिए जाने हैं। वहीं, 25 हजार रुपये की घरेलू उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराने और 15 हजार रुपये टेंट, भोजन सहित अन्य आयोजन व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य नवदंपतियों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत में आर्थिक सहयोग देना है। इसमें साड़ी, लहंगा, बिस्तर, डिनर सेट, सीलिंग फैन, प्रेस और मिष्ठान सहित अन्य सामान शामिल हैं। इसके अलावा भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल और बिजली जैसी व्यवस्थाओं पर प्रति जोड़ा 15 हजार रुपये खर्च किए गए। समारोह के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम स्थल पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ अग्निशमन वाहन,एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौजूद रही।प्रशासनिक निगरानी में विवाह की रस्में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं। समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र भदोरिया ने बताया कि जिले में सामूहिक विवाह का अगला आयोजन 15 से 25 नवंबर के बीच प्रस्तावित है। इसके माध्यम से पात्र जोड़ों को विवाह के लिए आर्थिक सहायता और गृहस्थी बसाने में सहयोग मिलेगा।

