प्रयागराज में बैंक रोड स्थित राजर्षि टंडन सेवा केंद्र में दिव्यांगजनों के लिए डांडिया उत्सव आयोजित किया गया। इसमें दिव्यांगजनों ने डांडिया के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई। लोक सेवक मंडल और अनाम स्नेह परिवार के मातृ स्नेह संगठन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों का आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था। उत्सव के जरिए समानता, सम्मान और अपनत्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित अपनी पत्नी कांति दीक्षित के साथ शामिल हुए। अखिल भारतीय महिला शाखा शहर की अध्यक्ष नीतू केशरवानी भी मौजूद रहीं। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। अवसर मिले तो दिव्यांगजन भी रचते हैं इतिहास मातृ स्नेह संगठन की अध्यक्ष प्रीति रानी तिवारी ने कहा कि दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें उचित अवसर देना समाज की जिम्मेदारी है। आज दिव्यांगजन शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि समाज उनका साथ दे और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि सम्मान और समान अवसर की जरूरत है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका देते हैं। कई पदाधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम संयोजक मधु ने आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार जताया। संगठन की संरक्षक प्रेमलता शुक्ला का मार्गदर्शन रहा। कार्यक्रम का संचालन लोक सेवक मंडल के सचिव ब्रह्म प्रकाश तिवारी ने किया। अनाम स्नेह के संयोजक नारायण यादव ने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर महामंत्री राधा कनौजिया, उपाध्यक्ष अंजू जायसवाल, पद्मावती, सीमा, सरोजा जायसवाल और ममता यादव सहित कई लोग मौजूद रहे। उत्सव ने संदेश दिया कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी शारीरिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा और इच्छाशक्ति से होती है।

