औरंगाबाद साइबर पुलिस ने अनाज कारोबारी के खाते से निकाली गई 7 लाख 53 हजार 600 की राशि में से 7 लाख 51 हजार रुपए रिकवर किया है। मामला औरंगाबाद जिले के सुंदरगंज निवासी जितेन्द्र प्रसाद से जुड़ा है। पीड़ित ने साइबर थाना में दिए आवेदन में बताया कि मैं अनाज का कारोबार करता हूं। रोहतास जिले के एक व्यापारी के माध्यम से धान की खरीदारी की थी। इसके लिए 19 फरवरी 2026 को उनके बैंक खाते से 7 लाख 53 हजार 600 रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर किए गए थे। शिकायत के अनुसार, संबंधित राशि मुंडेश्वरी ट्रेडर्स, भभुआ शाखा के खाते में भेजी गई थी। रुपए ट्रांसफर होने के बाद जब माल की डिलीवरी नहीं हुई, तब उन्हें संदेह हुआ। चालक से संपर्क करने पर बताया गया कि मिलर को पैसा नहीं मिला है और इसी वजह से माल नहीं छोड़ा जा रहा है। इसके बाद पीड़ित ने संबंधित लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराकर अपनी राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई। बैंक खाते और ट्रांजेक्शन की जांच से मिली सफलता पीड़ित ने शिकायत में बताया कि पैसे वापस नहीं मिलने पर उन्होंने बैंक प्रबंधन को भी इसकी सूचना दी थी। इसके साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। आवेदन के अनुसार, शिकायत संख्या 30502260018554 दर्ज की गई थी। साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। बैंक खातों और संबंधित लेनदेन की पड़ताल की गई। समय पर शिकायत मिलने और पुलिस की कार्रवाई से ठगी की राशि का बड़ा हिस्सा वापस कराने में सफलता मिली।
राशि वापस मिलने पर पीड़ित परिवार ने जताया आभार पीड़ित के भाई संजय कुमार गुप्ता ने पुलिस के प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद संदेश दिया। पीड़ित परिवार ने बताया कि बड़ी रकम फंस जाने से वे परेशान थे। ऐसे में राशि वापस मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है। हालांकि, आवेदन में दर्ज कुल राशि 7 लाख 53 हजार 600 रुपए है, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार 7 लाख 51 हजार रुपये वापस कराए गए हैं। औरंगाबाद साइबर पुलिस लोगों से लगातार अपील कर रही है कि ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। औरंगाबाद साइबर पुलिस ने अनाज कारोबारी के खाते से निकाली गई 7 लाख 53 हजार 600 की राशि में से 7 लाख 51 हजार रुपए रिकवर किया है। मामला औरंगाबाद जिले के सुंदरगंज निवासी जितेन्द्र प्रसाद से जुड़ा है। पीड़ित ने साइबर थाना में दिए आवेदन में बताया कि मैं अनाज का कारोबार करता हूं। रोहतास जिले के एक व्यापारी के माध्यम से धान की खरीदारी की थी। इसके लिए 19 फरवरी 2026 को उनके बैंक खाते से 7 लाख 53 हजार 600 रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर किए गए थे। शिकायत के अनुसार, संबंधित राशि मुंडेश्वरी ट्रेडर्स, भभुआ शाखा के खाते में भेजी गई थी। रुपए ट्रांसफर होने के बाद जब माल की डिलीवरी नहीं हुई, तब उन्हें संदेह हुआ। चालक से संपर्क करने पर बताया गया कि मिलर को पैसा नहीं मिला है और इसी वजह से माल नहीं छोड़ा जा रहा है। इसके बाद पीड़ित ने संबंधित लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराकर अपनी राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई। बैंक खाते और ट्रांजेक्शन की जांच से मिली सफलता पीड़ित ने शिकायत में बताया कि पैसे वापस नहीं मिलने पर उन्होंने बैंक प्रबंधन को भी इसकी सूचना दी थी। इसके साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। आवेदन के अनुसार, शिकायत संख्या 30502260018554 दर्ज की गई थी। साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। बैंक खातों और संबंधित लेनदेन की पड़ताल की गई। समय पर शिकायत मिलने और पुलिस की कार्रवाई से ठगी की राशि का बड़ा हिस्सा वापस कराने में सफलता मिली।
राशि वापस मिलने पर पीड़ित परिवार ने जताया आभार पीड़ित के भाई संजय कुमार गुप्ता ने पुलिस के प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद संदेश दिया। पीड़ित परिवार ने बताया कि बड़ी रकम फंस जाने से वे परेशान थे। ऐसे में राशि वापस मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है। हालांकि, आवेदन में दर्ज कुल राशि 7 लाख 53 हजार 600 रुपए है, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार 7 लाख 51 हजार रुपये वापस कराए गए हैं। औरंगाबाद साइबर पुलिस लोगों से लगातार अपील कर रही है कि ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

