मुजफ्फरपुर से सोमवार को ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान की शुरुआत की गई। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद के जरिए किसानों से खेतों और मिट्टी के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नकली खाद और बीज की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों का खुलासा करने वाले अधिकारियों को उनके सराहनीय काम के लिए विभाग सम्मानित भी करेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि खेतों का संरक्षण, मिट्टी की सेहत और किसानों की समृद्धि एक-दूसरे से जुड़े हैं। जरूरत से ज्यादा रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल खेती की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए किसानों को मिट्टी की जांच, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा और वैज्ञानिक सलाह के आधार पर खाद का संतुलित इस्तेमाल करना चाहिए। 534 प्रखंडों तक पहुंचेगा अभियान विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि केंद्र सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी खेत बचाओ अभियान शुरू हुआ है। बिहार में यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा। रबी मौसम 2026-27 में इसे राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने की योजना है। इसके तहत हर प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। अभियान के जरिए 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। 6.19 लाख किसानों ने बैठकों में लिया हिस्सा कृषि मंत्री के अनुसार, खरीफ मौसम में पूरे बिहार में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें 6,19,436 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि किसानों की भागीदारी से खेतों और मिट्टी के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती अपनाने वालों को प्राथमिकता मंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इस पद्धति को अपनाने वाले किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने जैविक खाद के इस्तेमाल, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता तभी मानी जाएगी, जब किसान खेती के तरीकों में सकारात्मक बदलाव लाएंगे, मिट्टी की नियमित जांच कराएंगे, जरूरत के अनुसार खाद का इस्तेमाल करेंगे और पानी सहित प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करेंगे। कार्यक्रम में पद्मश्री राजकुमारी देवी, कृषि निदेशक मुकेश लाल, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, बामेती निदेशक पवन कुमार समेत कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। मुजफ्फरपुर से सोमवार को ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान की शुरुआत की गई। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद के जरिए किसानों से खेतों और मिट्टी के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नकली खाद और बीज की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों का खुलासा करने वाले अधिकारियों को उनके सराहनीय काम के लिए विभाग सम्मानित भी करेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि खेतों का संरक्षण, मिट्टी की सेहत और किसानों की समृद्धि एक-दूसरे से जुड़े हैं। जरूरत से ज्यादा रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल खेती की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए किसानों को मिट्टी की जांच, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा और वैज्ञानिक सलाह के आधार पर खाद का संतुलित इस्तेमाल करना चाहिए। 534 प्रखंडों तक पहुंचेगा अभियान विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि केंद्र सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी खेत बचाओ अभियान शुरू हुआ है। बिहार में यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा। रबी मौसम 2026-27 में इसे राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने की योजना है। इसके तहत हर प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। अभियान के जरिए 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। 6.19 लाख किसानों ने बैठकों में लिया हिस्सा कृषि मंत्री के अनुसार, खरीफ मौसम में पूरे बिहार में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें 6,19,436 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि किसानों की भागीदारी से खेतों और मिट्टी के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती अपनाने वालों को प्राथमिकता मंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इस पद्धति को अपनाने वाले किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने जैविक खाद के इस्तेमाल, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता तभी मानी जाएगी, जब किसान खेती के तरीकों में सकारात्मक बदलाव लाएंगे, मिट्टी की नियमित जांच कराएंगे, जरूरत के अनुसार खाद का इस्तेमाल करेंगे और पानी सहित प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करेंगे। कार्यक्रम में पद्मश्री राजकुमारी देवी, कृषि निदेशक मुकेश लाल, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, बामेती निदेशक पवन कुमार समेत कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

