बलिया के महर्षि वाल्मीकि विद्या मंदिर काजीपुरा में महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि और माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और पूजा से हुई। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने बच्चों को महर्षि वाल्मीकि के जीवन, रामायण की रचना और उनके आदर्शों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने सत्य, चरित्र, करुणा, कर्तव्य और मानवता का संदेश दिया। प्रधानाचार्य ने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, गुरुजनों का सम्मान और माता-पिता की सेवा को सच्ची शिक्षा बताया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से तप और साधना करने वाला व्यक्ति महान बन सकता है। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पूरे विद्यालय परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया था।

