दरभंगा स्नातक-शिक्षक सीट के लिए काउंटिंग की तैयारियां पूरी:27 अक्टूबर को खुलेगा 53 प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा; खेल भवन में 56 सीसीटीवी से निगरानी

दरभंगा स्नातक-शिक्षक सीट के लिए काउंटिंग की तैयारियां पूरी:27 अक्टूबर को खुलेगा 53 प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा; खेल भवन में 56 सीसीटीवी से निगरानी

दरभंगा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए हुए चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से होगी। शिक्षक सीट पर 82.61, स्नातक सीट पर 52.48% वोटिंग हुई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 40 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 13 प्रत्याशियों समेत कुल 53 उम्मीदवार मैदान में हैं। काउंटिंग लहेरियासराय स्थित नवनिर्मित खेल भवन होगी। जिला प्रशासन की ओर से सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बज्रगृह में रखा गया है। पूरे परिसर की निगरानी के लिए 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से मिलने वाले फुटेज पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। मौके पर बिहार पुलिस के जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। अधिकारी नियमित रूप से केंद्र का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि मतगणना के दौरान किसी तरह की समस्या नहीं हो। केंद्र पर पेयजल, शौचालय और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासनिक स्तर पर मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की गई है। रविवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार ने निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। 200 गज के दायरे में निषेधाज्ञा मतगणना के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दंडाधिकारी कौशल कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत मतगणना केंद्र और उसके आसपास निषेधाज्ञा जारी की है। आदेश के अनुसार, 27 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से मतगणना समाप्त होने तक केंद्र के चारों ओर 200 गज की परिधि में अनावश्यक भीड़ जुटाने और मजमा लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। मतगणना केंद्र के आसपास जुलूस निकालने, धरना-प्रदर्शन करने तथा अस्त्र-शस्त्र या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। मतगणना के बाद विजय जुलूस निकालने की भी अनुमति नहीं होगी। मोबाइल, कैमरा और अनधिकृत वाहनों पर रोक जारी आदेश के तहत प्राधिकृत व्यक्तियों को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति को मतगणना केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, कॉर्डलेस, वायरलेस, कैमरा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह, प्राधिकृत वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों का मतगणना केंद्र परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। छह थानों के अधिकारियों को जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी ने लहेरियासराय, बहादुरपुर, नगर, बेता, विश्वविद्यालय और कोतवाली थानाध्यक्षों के साथ गश्ती दल में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों को निषेधाज्ञा का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रत्याशियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर जताया भरोसा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी समर्थित प्रत्याशी डॉ शंभूनाथ ठाकुर ने प्रशासन की तैयारियों पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि मतदान निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है। उम्मीद है कि मतगणना भी पूरी निष्पक्षता के साथ होगी। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। इससे उन्हें संतुष्टि मिली है। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. अमरजी कुमार भी मतगणना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मतपेटियों की सुरक्षा व्यवस्था देखने के उद्देश्य से यहां पहुंचे थे। परिसर में सुरक्षा के इंतजाम और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था देखकर उन्हें संतोष हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मतगणना भी निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी। सर्वेश कुमार पिछली बार निर्दलीय जीते, इस बार भाजपा के उम्मीदवार भाजपा ने वर्तमान विधान पार्षद सर्वेश कुमार को स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। पिछली बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता था। इस बार वे भाजपा के टिकट पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। डॉ. मो. इम्तियाज नूरानी कांग्रेस के टिकट पर भी लड़ चुके हैं चुनाव जन सुराज ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मो. इम्तियाज नूरानी को उम्मीदवार बनाया है। वे मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड के निवासी हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता पीएचडी बताई गई है। वे निजी अस्पताल के संचालन से जुड़े होने के साथ समाजसेवी और व्यवसायी के रूप में भी सक्रिय हैं। वर्ष 2020 के एमएलसी चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस बार वे जन सुराज के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। रजनीकांत पाठक और अनिल कुमार झा कांग्रेस-राजद के उम्मीदवार कांग्रेस ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीकांत पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद की ओर से अनिल कुमार झा चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों दलों के उम्मीदवार इस सीट पर अपने-अपने राजनीतिक आधार के सहारे मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे। आदित्य झा: चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में सक्रिय चार्टर्ड अकाउंटेंट आदित्य झा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। वे दरभंगा और दिल्ली में अपने कार्यालयों के माध्यम से पेशेवर गतिविधियों से जुड़े हैं। स्नातक सीट पर उनकी उम्मीदवारी भी चर्चा में है। जयप्रकाश झा: कम उम्र के निर्दलीय प्रत्याशी इसी सीट से जयप्रकाश झा भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। उन्हें सबसे कम उम्र के प्रत्याशियों में बताया जा रहा है। चुनाव से पहले वे सोशल मीडिया पर पत्रकारिता से जुड़ी गतिविधियां भी कर रहे थे। उनके समर्थक उन्हें सीमित संसाधनों के बीच चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के रूप में पेश कर रहे हैं। शिक्षक सीट: मदन मोहन झा, घनश्याम राय और सुरेश प्रसाद राय प्रमुख चेहरे दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने वर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की ओर से डॉ. घनश्याम राय मैदान में हैं, जबकि जन सुराज ने डॉ. सुरेश प्रसाद राय को प्रत्याशी बनाया है। राजद ने कुमर राउत को टिकट दिया है। डॉ. मदन मोहन झा: कांग्रेस के वर्तमान विधान पार्षद कांग्रेस ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को फिर उम्मीदवार बनाया है। वे प्रोफेसर हैं। शिक्षक समुदाय से जुड़े मुद्दे और इस निर्वाचन क्षेत्र में उनका राजनीतिक अनुभव चुनावी मुकाबले के प्रमुख पहलू हैं। डॉ. घनश्याम राय: मुंगेर विश्वविद्यालय में कुलसचिव रह चुके हैं भाजपा की ओर से डॉ. घनश्याम राय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे हैं। वे पीएचडी हैं और मुंगेर विश्वविद्यालय में कुलसचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इस बार वे शिक्षक सीट से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। डॉ. सुरेश प्रसाद राय: भाजपा से जन सुराज तक का सफर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. सुरेश प्रसाद राय बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वे भाजपा के शिक्षा प्रकोष्ठ में प्रदेश सह-संयोजक की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2020 के दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में वे भाजपा के उम्मीदवार थे और दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्होंने 1 सितंबर 2026 को जन सुराज की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद पार्टी ने उन्हें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। कुमर राउत: राजद के प्रत्याशी राजद ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कुमर राउत को उम्मीदवार बनाया है। वे शिक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। इस सीट पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। चार जिलों में फैला है निर्वाचन क्षेत्र दरभंगा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में दरभंगा के अलावा मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय जिले शामिल हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,26,951 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 9,026 मतदाता हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर कुल 1,35,977 मतदाता हैं। इनमें स्नातक सीट के मतदाताओं की संख्या शिक्षक सीट की तुलना में काफी अधिक है। मतदान के लिए स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 138 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 99 केंद्र बनाए गए थे। दरभंगा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए हुए चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से होगी। शिक्षक सीट पर 82.61, स्नातक सीट पर 52.48% वोटिंग हुई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 40 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 13 प्रत्याशियों समेत कुल 53 उम्मीदवार मैदान में हैं। काउंटिंग लहेरियासराय स्थित नवनिर्मित खेल भवन होगी। जिला प्रशासन की ओर से सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बज्रगृह में रखा गया है। पूरे परिसर की निगरानी के लिए 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से मिलने वाले फुटेज पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। मौके पर बिहार पुलिस के जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। अधिकारी नियमित रूप से केंद्र का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि मतगणना के दौरान किसी तरह की समस्या नहीं हो। केंद्र पर पेयजल, शौचालय और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासनिक स्तर पर मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की गई है। रविवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार ने निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। 200 गज के दायरे में निषेधाज्ञा मतगणना के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दंडाधिकारी कौशल कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत मतगणना केंद्र और उसके आसपास निषेधाज्ञा जारी की है। आदेश के अनुसार, 27 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से मतगणना समाप्त होने तक केंद्र के चारों ओर 200 गज की परिधि में अनावश्यक भीड़ जुटाने और मजमा लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। मतगणना केंद्र के आसपास जुलूस निकालने, धरना-प्रदर्शन करने तथा अस्त्र-शस्त्र या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। मतगणना के बाद विजय जुलूस निकालने की भी अनुमति नहीं होगी। मोबाइल, कैमरा और अनधिकृत वाहनों पर रोक जारी आदेश के तहत प्राधिकृत व्यक्तियों को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति को मतगणना केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, कॉर्डलेस, वायरलेस, कैमरा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह, प्राधिकृत वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों का मतगणना केंद्र परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। छह थानों के अधिकारियों को जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी ने लहेरियासराय, बहादुरपुर, नगर, बेता, विश्वविद्यालय और कोतवाली थानाध्यक्षों के साथ गश्ती दल में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों को निषेधाज्ञा का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रत्याशियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर जताया भरोसा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी समर्थित प्रत्याशी डॉ शंभूनाथ ठाकुर ने प्रशासन की तैयारियों पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि मतदान निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है। उम्मीद है कि मतगणना भी पूरी निष्पक्षता के साथ होगी। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। इससे उन्हें संतुष्टि मिली है। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. अमरजी कुमार भी मतगणना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मतपेटियों की सुरक्षा व्यवस्था देखने के उद्देश्य से यहां पहुंचे थे। परिसर में सुरक्षा के इंतजाम और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था देखकर उन्हें संतोष हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मतगणना भी निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी। सर्वेश कुमार पिछली बार निर्दलीय जीते, इस बार भाजपा के उम्मीदवार भाजपा ने वर्तमान विधान पार्षद सर्वेश कुमार को स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। पिछली बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता था। इस बार वे भाजपा के टिकट पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। डॉ. मो. इम्तियाज नूरानी कांग्रेस के टिकट पर भी लड़ चुके हैं चुनाव जन सुराज ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मो. इम्तियाज नूरानी को उम्मीदवार बनाया है। वे मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड के निवासी हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता पीएचडी बताई गई है। वे निजी अस्पताल के संचालन से जुड़े होने के साथ समाजसेवी और व्यवसायी के रूप में भी सक्रिय हैं। वर्ष 2020 के एमएलसी चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस बार वे जन सुराज के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। रजनीकांत पाठक और अनिल कुमार झा कांग्रेस-राजद के उम्मीदवार कांग्रेस ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीकांत पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद की ओर से अनिल कुमार झा चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों दलों के उम्मीदवार इस सीट पर अपने-अपने राजनीतिक आधार के सहारे मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे। आदित्य झा: चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में सक्रिय चार्टर्ड अकाउंटेंट आदित्य झा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। वे दरभंगा और दिल्ली में अपने कार्यालयों के माध्यम से पेशेवर गतिविधियों से जुड़े हैं। स्नातक सीट पर उनकी उम्मीदवारी भी चर्चा में है। जयप्रकाश झा: कम उम्र के निर्दलीय प्रत्याशी इसी सीट से जयप्रकाश झा भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। उन्हें सबसे कम उम्र के प्रत्याशियों में बताया जा रहा है। चुनाव से पहले वे सोशल मीडिया पर पत्रकारिता से जुड़ी गतिविधियां भी कर रहे थे। उनके समर्थक उन्हें सीमित संसाधनों के बीच चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के रूप में पेश कर रहे हैं। शिक्षक सीट: मदन मोहन झा, घनश्याम राय और सुरेश प्रसाद राय प्रमुख चेहरे दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने वर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की ओर से डॉ. घनश्याम राय मैदान में हैं, जबकि जन सुराज ने डॉ. सुरेश प्रसाद राय को प्रत्याशी बनाया है। राजद ने कुमर राउत को टिकट दिया है। डॉ. मदन मोहन झा: कांग्रेस के वर्तमान विधान पार्षद कांग्रेस ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को फिर उम्मीदवार बनाया है। वे प्रोफेसर हैं। शिक्षक समुदाय से जुड़े मुद्दे और इस निर्वाचन क्षेत्र में उनका राजनीतिक अनुभव चुनावी मुकाबले के प्रमुख पहलू हैं। डॉ. घनश्याम राय: मुंगेर विश्वविद्यालय में कुलसचिव रह चुके हैं भाजपा की ओर से डॉ. घनश्याम राय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे हैं। वे पीएचडी हैं और मुंगेर विश्वविद्यालय में कुलसचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इस बार वे शिक्षक सीट से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। डॉ. सुरेश प्रसाद राय: भाजपा से जन सुराज तक का सफर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. सुरेश प्रसाद राय बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वे भाजपा के शिक्षा प्रकोष्ठ में प्रदेश सह-संयोजक की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2020 के दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में वे भाजपा के उम्मीदवार थे और दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्होंने 1 सितंबर 2026 को जन सुराज की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद पार्टी ने उन्हें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। कुमर राउत: राजद के प्रत्याशी राजद ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कुमर राउत को उम्मीदवार बनाया है। वे शिक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। इस सीट पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। चार जिलों में फैला है निर्वाचन क्षेत्र दरभंगा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में दरभंगा के अलावा मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय जिले शामिल हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,26,951 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 9,026 मतदाता हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर कुल 1,35,977 मतदाता हैं। इनमें स्नातक सीट के मतदाताओं की संख्या शिक्षक सीट की तुलना में काफी अधिक है। मतदान के लिए स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 138 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 99 केंद्र बनाए गए थे।  

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