छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के दौरान उप मुख्यमंत्री और खेल मंत्री अरुण साव से प्रदेश में हॉकी के विकास, लीग के कॉन्सेप्ट और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की योजनाओं पर दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की प्रतिभाओं की कमी नहीं है। अगर मौका मिला तो छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है। लीग के जरिए स्थानीय खिलाड़ियों को ओलंपियन और इंटरनेशनल खिलाड़ियों के साथ खेलने और अनुभवी कोच से सीखने का मौका मिल रहा है। इससे प्रदेश में हॉकी का माहौल बनेगा और छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी आगे चलकर बड़े स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। गांव-गांव में खेल का माहौल बनाएंगे। पढ़िए ये इंटरव्यू… सवाल: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग शुरू करने का विचार कैसे आया? जवाब: छत्तीसगढ़ में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है। यहां से कई बड़े खिलाड़ी निकले हैं। रायगढ़, बिलासपुर, राजनांदगांव और जशपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी हॉकी लोकप्रिय है। बड़ी संख्या में युवा इस खेल से जुड़े हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए लगा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी का बड़ा आयोजन होना चाहिए। विभाग में चर्चा की, प्लानिंग की और उद्योग समूहों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से बातचीत कर लीग शुरू की। यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का संकल्प है। सवाल: टीमों में 18 स्थानीय खिलाड़ियों के साथ तीन अनुभवी खिलाड़ियों को रखने का क्या उद्देश्य है? जवाब: इसका उद्देश्य प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर देना है। हर टीम में एक ओलंपियन और दो अन्य अनुभवी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। हमारे युवा और जूनियर खिलाड़ी जिन दिग्गजों को देखकर हॉकी खेलते हैं, उनके साथ मैदान साझा कर रहे हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच से प्रशिक्षण भी मिल रहा है। इससे उनका खेल निखरेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। शुरुआती मैचों में खिलाड़ियों का उत्साह देखकर लगता है कि यह पहल उन्हें काफी प्रेरित करेगी। सवाल: लीग के बाद खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और विकास के लिए क्या योजना है? जवाब: हमारी हॉकी अकादमी में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगे हॉकी इंडिया से भी बातचीत करेंगे, ताकि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर मिल सकें। हमारा प्रयास है कि पूरे छत्तीसगढ़ में हॉकी का माहौल बने। गांव-गांव और गली-गली में बच्चे कहें- चलो रे संगी हॉकी खेलबो। यही हमारी लीग की टैगलाइन भी है। सवाल: स्थानीय खिलाड़ियों को नेशनल कैंप और बड़े टूर्नामेंट तक पहुंचाने के लिए क्या ब्लूप्रिंट है? जवाब: निश्चित रूप से इस दिशा में भी हमारा ध्यान रहेगा। हमारी सरकार ने खेलों के लिए बजट में प्रावधान किया है। हम स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण देने के लिए कोच की उपलब्धता भी बढ़ाई जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन मिलें और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना सकें। सवाल: क्या छत्तीसगढ़ भविष्य में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी भी करेगा? जवाब: हमने भारत सरकार से राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का आग्रह किया है। इसके लिए हम तैयार हैं। खेलो इंडिया के नेशनल ट्राइबल गेम्स, बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों से हमें अनुभव मिला है। हमने अपनी क्षमता भी परखी है। इसलिए अवसर मिलने पर छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने के लिए तैयार है। सवाल: प्रदेश के हॉकी प्रेमियों से क्या अपील करेंगे? जवाब: जशपुर से राजनांदगांव और बीजापुर से बलरामपुर तक सभी हॉकी प्रेमियों से अपील है कि वे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम जरूर आएं। यहां रोमांचक मुकाबले हो रहे हैं। दर्शकों की मौजूदगी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाती है। आइए, हॉकी का आनंद लें और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएं। हमारी अपील है- चलो रे संगी हॉकी देखबो। ………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में सरदार सिंह बोले- CHL से निकलेंगे स्टार: इन्फ्रास्ट्रक्चर-ट्रेनिंग पर काम करना होगा, बेस्ट टैलेंट को नेशनल कैंप में लाने की कोशिश रहेगी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के ब्रांड एंबेसडर और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह का मानना है कि यह लीग प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका है। लंबे समय बाद छत्तीसगढ़ में इस स्तर का टूर्नामेंट हो रहा है। इसमें हर टीम के साथ ओलंपियन और अनुभवी खिलाड़ी जुड़े हैं, जिनसे युवा खिलाड़ी मैदान के अंदर और बाहर बहुत कुछ सीख सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर…

