फरीदाबाद नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर सोमवार को एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज रहेगी। दोनों पदों पर सहमति बनाने के लिए भाजपा पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक सेक्टर-15 स्थित अटल कमल कार्यालय में होगी। सभी पार्षदों को सुबह 9 बजे कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया है, जबकि बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। बैठक में पूर्व महामंत्री वेद प्रकाश एडवोकेट के साथ दो अन्य नेता पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और अन्य विधायक भी बैठक में मौजूद रहेंगे। मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने उम्मीद जताई है कि दोनों पदों के लिए आज नामों पर सहमति बन सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी फैसला लेगी, वह मान्य होगा। दो बार की कोशिश नाकाम सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चयन के लिए 11 अगस्त 2025 को नगर निगम सदन की बैठक बुलाई गई थी। भाजपा ने कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक मूलचंद शर्मा, सतीश फागना व धनेश अदलखा मौजूद रहे, लेकिन मेयर प्रवीण जोशी, मंत्री विपुल गोयल और मंत्री राजेश नागर सदन की बैठक में नहीं पहुंचे।वे पर्यवेक्षक कृष्णलाल पंवार के साथ सेक्टर-15 स्थित भाजपा कार्यालय अटल कमल में बैठक कर रहे थे। इसके चलते सदन की बैठक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद अप्रैल 2026 में प्रदेश सरकार ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली को सभी पार्षदों के बीच सहमति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि, इस बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के समर्थक पार्षदों ने हिस्सा नहीं लिया। बड़ौली के साथ 33 पार्षदों की मौजूदगी के बावजूद दोनों पदों के लिए नामों पर सहमति नहीं बन पाई। अब सोमवार को अटल कमल कार्यालय में तीसरी बार सहमति बनाने की कोशिश होगी। मार्च 2025 में हुए थे निगम चुनाव नगर निगम के 46 वार्डों के लिए 2 मार्च 2025 को चुनाव हुए थे। 31 मार्च को मेयर और पार्षदों ने पदभार संभाला था। चुनाव में भाजपा ने 39 वार्डों में जीत दर्ज की थी, जबकि छह निर्दलीय और एक कांग्रेस पार्षद चुना गया था। इसके बावजूद डेढ़ साल से अधिक समय बीतने पर भी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद खाली हैं। अगस्त 2025 में भी नहीं बन पाई थी सहमति दोनों पदों के लिए 11 अगस्त 2025 को नगर निगम सदन की बैठक बुलाई गई थी। करीब छह घंटे तक चली प्रक्रिया के बावजूद नामों पर सहमति नहीं बन पाई और चुनाव स्थगित करना पड़ा। उस समय सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए अजय बैंसला और डिप्टी मेयर पद के लिए रवि कश्यप के नाम चर्चा में थे। भाजपा के अलग-अलग खेमों के बीच उम्मीदवारों को लेकर मतभेद सामने आए थे। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के खेमे और मंत्री विपुल गोयल व राजेश नागर के खेमे के बीच सहमति नहीं बन सकी थी। आज भी नजरें नामों पर टिकीं इसके बाद भी कई स्तर पर बैठकों और चर्चाओं के बावजूद दोनों पदों पर अंतिम फैसला नहीं हो सका। चुनाव नहीं होने से निगम की वित्त एवं संविदा समिति का गठन भी लंबित है। ऐसे में आज की बैठक को अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व दावेदारों के बीच सहमति बनाकर चुनाव का रास्ता साफ कर पाता है या मामला एक बार फिर टल जाता है।

