जिम्बाब्वे पर जीत के बाद कप्तान Smriti Mandhana ने की भारतीय बल्लेबाजों की तारीफ

जिम्बाब्वे पर जीत के बाद कप्तान Smriti Mandhana ने की भारतीय बल्लेबाजों की तारीफ

भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में 19 रन तक दो विकेट गंवाने के बावजूद 328 रन बनाने के लिए टीम की सराहना की और इसे सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष बताया। भारत ने हरमनप्रीत कौर (121 गेंद में 126 रन, 15 चौके) और दीप्ति शर्मा (86 गेंद में नाबाद 106 रन, 15 चौके) के शतक और दोनों के बीच पांचवें विकेट की 153 रन की साझेदारी से छह विकेट पर 328 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (49), चिपो मुगेरी तिरिपानो (46) और बिलव्ड बिजा (34) की उम्दा पारियों के बावजूद 48.5 ओवर में 207 रन पर सिमट गई।भारत की ओर से अपना दूसरा एकदिवसीय मैच खेल रही वैष्णवी शर्मा ने 39 रन देकर चार जबकि ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने 32 रन देकर तीन विकेट चटकाए। स्मृति ने मैच के बाद कहा, ‘‘आज सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष यह रहा कि दो विकेट 19 रन पर गंवाने के बावजूद हम 328 रन तक पहुंचने में सफल रहे।’’
दीप्ति के शतक के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘वह शानदार बल्लेबाजी कर रही हैं। महिला एकदिवसीय विश्व कप में भी उन्होंने मैच जिताने वाली पारियां खेली थीं।मुझे खुशी है कि आज उन्होंने शतक लगाया।’’
स्मृति ने वैष्णवी की गेंदबाजी की भी जमकर तारीफ की जिन्होंने अपना दूसरा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए चार विकेट चटकाए। उन्होंने कहा, ‘‘उसने शानदार गेंदबाजी की। वह गति में बदलाव कर रही थी और गेंदबाजी के कोण भी बदल रही थी।उसे अपने खेल की अच्छी समझ है। अन्य खिलाड़ियों ने भी योगदान दिया।’’
गेंदबाजों से छोटे स्पैल कराने के बारे में स्मृति ने कहा, ‘‘सीमित ओवरों के क्रिकेट में मेरे हिसाब से चार-पांच ओवर का स्पैल भी लंबा होता है। आप नहीं चाहते कि बल्लेबाज गेंदबाजों की गेंदबाजी के अभ्यस्त हो जाएं।हमारी टीम में जिस स्तर के गेंदबाज हैं वे किसी भी समय आकर सही क्षेत्र में गेंदबाजी कर सकती हैं।’’
जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिन एनकोमो ने हार के बावजूद अपनी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने पावरप्ले में अच्छी गेंदबाजी की और डेथ ओवरों में भी हमारी गेंदबाजी सटीक रही। बल्लेबाजी में हमें अच्छी शुरुआत मिली लेकिन हम उसे बड़ी पारियों में बदलने में नाकाम रहे।जब बल्लेबाज 40 रन के आसपास पहुंचे तो वे थोड़ा दबाव में दिखे। उन्हें कुछ और आत्मविश्वास के साथ खेलना जारी रखना चाहिए था।’’
मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गईं हरमनप्रीत ने कहा कि वह सिर्फ अपने खेल का लुत्फ उठाना चाहती हैं। हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘‘मैं सिर्फ अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूं।मैंने आज यही किया और आगे भी ऐसा ही करना चाहती हूं।’’
ऑफ साइड में अपने आकर्षक शॉट खेलने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘आज हम एकदिवसीय खेल रहे थे और इसमें आपको अलग तरीके से खेलना होता है। प्रतिका (रावल) और मैंने बात की थी कि अच्छी गेंदों का सम्मान करना है और खराब गेंदों को हाथ से नहीं जाने देना है।’’
कप्तानी की कमी महसूस होने के सवाल पर हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘जब आप बल्लेबाजी कर रहे होते हैं तो इन चीजों के बारे में नहीं सोचते। आप एक बल्लेबाज के तौर पर खेलते हैं और जिम्मेदारी लेना चाहते हैं।आपको परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करनी होती है। स्थिति चाहे जैसी भी हो, मैं अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूं।’’
उन्होंने अपनी फिटनेस के बारे में कहा, ‘‘कल रात मुझे हल्का बुखार था और इसी वजह से मैदान पर लौटने के बाद मुझे परेशानी हो रही थी। मैं थोड़ा आराम करना चाहती थी और दर्द निवारक दवाएं लेने से मुझे मदद मिल रही है।’’ 

भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में 19 रन तक दो विकेट गंवाने के बावजूद 328 रन बनाने के लिए टीम की सराहना की और इसे सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष बताया। भारत ने हरमनप्रीत कौर (121 गेंद में 126 रन, 15 चौके) और दीप्ति शर्मा (86 गेंद में नाबाद 106 रन, 15 चौके) के शतक और दोनों के बीच पांचवें विकेट की 153 रन की साझेदारी से छह विकेट पर 328 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (49), चिपो मुगेरी तिरिपानो (46) और बिलव्ड बिजा (34) की उम्दा पारियों के बावजूद 48.5 ओवर में 207 रन पर सिमट गई।

भारत की ओर से अपना दूसरा एकदिवसीय मैच खेल रही वैष्णवी शर्मा ने 39 रन देकर चार जबकि ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने 32 रन देकर तीन विकेट चटकाए। स्मृति ने मैच के बाद कहा, ‘‘आज सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष यह रहा कि दो विकेट 19 रन पर गंवाने के बावजूद हम 328 रन तक पहुंचने में सफल रहे।’’
दीप्ति के शतक के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘वह शानदार बल्लेबाजी कर रही हैं। महिला एकदिवसीय विश्व कप में भी उन्होंने मैच जिताने वाली पारियां खेली थीं।

मुझे खुशी है कि आज उन्होंने शतक लगाया।’’
स्मृति ने वैष्णवी की गेंदबाजी की भी जमकर तारीफ की जिन्होंने अपना दूसरा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए चार विकेट चटकाए। उन्होंने कहा, ‘‘उसने शानदार गेंदबाजी की। वह गति में बदलाव कर रही थी और गेंदबाजी के कोण भी बदल रही थी।

उसे अपने खेल की अच्छी समझ है। अन्य खिलाड़ियों ने भी योगदान दिया।’’
गेंदबाजों से छोटे स्पैल कराने के बारे में स्मृति ने कहा, ‘‘सीमित ओवरों के क्रिकेट में मेरे हिसाब से चार-पांच ओवर का स्पैल भी लंबा होता है। आप नहीं चाहते कि बल्लेबाज गेंदबाजों की गेंदबाजी के अभ्यस्त हो जाएं।

हमारी टीम में जिस स्तर के गेंदबाज हैं वे किसी भी समय आकर सही क्षेत्र में गेंदबाजी कर सकती हैं।’’
जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिन एनकोमो ने हार के बावजूद अपनी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने पावरप्ले में अच्छी गेंदबाजी की और डेथ ओवरों में भी हमारी गेंदबाजी सटीक रही। बल्लेबाजी में हमें अच्छी शुरुआत मिली लेकिन हम उसे बड़ी पारियों में बदलने में नाकाम रहे।

जब बल्लेबाज 40 रन के आसपास पहुंचे तो वे थोड़ा दबाव में दिखे। उन्हें कुछ और आत्मविश्वास के साथ खेलना जारी रखना चाहिए था।’’
मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गईं हरमनप्रीत ने कहा कि वह सिर्फ अपने खेल का लुत्फ उठाना चाहती हैं। हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘‘मैं सिर्फ अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूं।

मैंने आज यही किया और आगे भी ऐसा ही करना चाहती हूं।’’
ऑफ साइड में अपने आकर्षक शॉट खेलने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘आज हम एकदिवसीय खेल रहे थे और इसमें आपको अलग तरीके से खेलना होता है। प्रतिका (रावल) और मैंने बात की थी कि अच्छी गेंदों का सम्मान करना है और खराब गेंदों को हाथ से नहीं जाने देना है।’’
कप्तानी की कमी महसूस होने के सवाल पर हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘जब आप बल्लेबाजी कर रहे होते हैं तो इन चीजों के बारे में नहीं सोचते। आप एक बल्लेबाज के तौर पर खेलते हैं और जिम्मेदारी लेना चाहते हैं।

आपको परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करनी होती है। स्थिति चाहे जैसी भी हो, मैं अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूं।’’
उन्होंने अपनी फिटनेस के बारे में कहा, ‘‘कल रात मुझे हल्का बुखार था और इसी वजह से मैदान पर लौटने के बाद मुझे परेशानी हो रही थी। मैं थोड़ा आराम करना चाहती थी और दर्द निवारक दवाएं लेने से मुझे मदद मिल रही है।’’

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