लखनऊ में न्यायालय कर्मचारियों का सत्याग्रह:प्रदेश भर से जूते कर्मचारी, जनवरी 2027 में संपूर्ण कार्य बहिष्कार कि चेतावनी

लखनऊ में न्यायालय कर्मचारियों का सत्याग्रह:प्रदेश भर से जूते कर्मचारी, जनवरी 2027 में संपूर्ण कार्य बहिष्कार कि चेतावनी

लखनऊ में रविवार को विभिन्न जनपद न्यायालयों के कर्मचारियों ने इको गार्डन में विरोध प्रदर्शन किया। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ के आह्वान पर जुटे कर्मचारियों ने सम्मानजनक वेतन, पदोन्नति, सेवा नियमितीकरण और बेहतर सेवा शर्तों की मांग उठाई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो दिसंबर के पहले सप्ताह से शासकीय कार्यों में असहयोग और हड़ताल किया जाएगा । वेतन वृद्धि कि मांग प्रदेश महासचिव नरेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें वर्षों से शासन स्तर पर लंबित हैं। इनमें 14वें वित्त आयोग के तहत गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC) के कर्मचारियों को सालाना 10% वेतन वृद्धि देने और सेवा नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज करने की मांग शामिल है। उन्होंने कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित अर्हकारी सेवा में 50% छूट देने संबंधी नियमावली संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो जनवरी 2027 में संपूर्ण कार्य बहिष्कार पर निर्णय लिया जाएगा। नए पदों पर भर्ती की मांग कर्मचारियों ने पेड अप्रेंटिस पदों को कनिष्ठ सहायक के पदों में समायोजित करने, न्यायालयों में बयान लेखक के पद उत्पन्न करने और प्रशासनिक अधिकारियों के पदों को राजपत्रित दर्जा देने की मांग उठाई। इसके साथ ही विलुप्त किए गए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पदों को बहाल करने, अतिरिक्त कार्यभार के अनुरूप नए पद पर भर्ती म की मांग की । मकान किराया भत्ते (HRA) के पुनरीक्षण पर भी जोर दिया गया।प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि न्यायालय कर्मचारियों को दिल्ली के जिला न्यायालयों के समान वेतनमान और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *