Mallikarjun Kharge ने मतपत्रों से चुनाव कराने और दो साल के विधानसभा परिणाम रद्द करने की मांग उठाई

Mallikarjun Kharge ने मतपत्रों से चुनाव कराने और दो साल के विधानसभा परिणाम रद्द करने की मांग उठाई

(फोटो के साथ)
पटना, 25 अक्टूबर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को ‘‘आजादी की दूसरी लड़ाई’’ करार देते हुए इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने, भविष्य के सभी चुनाव मतपत्रों के जरिये कराने और पिछले दो वर्षों में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की रविवार को मांग की। बिहार के पहले मुख्यमंत्री एवं ‘श्री बाबू’ के नाम से जाने जाने वाले श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा देश में विभाजन को और गहरा कर रही है। उन्होंने दावा किया, ‘‘जब तक आरएसएस की विचारधारा खत्म नहीं होगी, तब तक देश में शांति नहीं होगी।’’
खरगे ने मतदाता सूची में हेरफेर करने और विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम हटाने का आरोप लगाते हुए, चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरने, अपने अधिकारों के लिए लड़ने और संविधान की रक्षा करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में ‘वोट चोरी’ के जरिये हथियाई गई सरकारों को हटाना होगा।’’
खरगे ने एसआईआर कवायद को तुरंत रोकने और पिछले दो वर्षों में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि जनता निर्वाचन आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही की हकदार है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जनता का विश्वास बहाल करने के लिए चुनाव मतपत्रों के जरिए कराए जाने चाहिए। लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए और हर वोट का महत्व होना चाहिए।’’
भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए खरगे ने एकजुटता का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए एकता जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम देशभक्त हैं और एकता, समानता तथा संविधान में विश्वास करते हैं। हम भाजपा नेताओं की तरह राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को बांटने में विश्वास नहीं करते।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने बिहार की जनता से एसआईआर के खिलाफ ‘‘देशव्यापी आंदोलन’’ का समर्थन करने का आग्रह करते हुए इसे ‘‘आजादी की दूसरी लड़ाई’’ बताया।

बहरहाल, कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी ‘‘प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे’’ के जवाब में खरगे की इस टिप्पणी पर विवाद शुरू हो गया कि “मोदी का बाप भी जाएगा”। खरगे के इस बयान पर कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों को जेल भेजेगी, कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति चिल्लाया, ‘‘जब तक विद्रोह नहीं होगा, (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी कहीं नहीं जाएंगे।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा।’’
खरगे की टिप्पणी की भाजपा, जद(यू) और अन्य दलों के नेताओं ने आलोचना की। श्रीकृष्ण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए खरगे ने कहा कि बिहार के पहले मुख्यमंत्री ने संस्थानों का निर्माण करने और कृषि, उद्योग, शिक्षा तथा सिंचाई को बढ़ावा देकर आधुनिक राज्य की नींव रखने में मदद की थी।

जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कभी राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण जैसे समाजवादी नेताओं के साथ खड़े होते थे। खरगे ने कहा, ‘‘लेकिन आज वह भाजपा के साथ हैं। यह उन समाजवादी आदर्शों और राजनीतिक मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है, जिनसे वह कभी जुड़े हुए थे।

समाजवादी राजनीति की विरासत से भाजपा की गोद में बैठने तक का यह कितना बड़ा बदलाव है।’’
खरगे ने छुआछूत को बढ़ावा देने और शुद्धीकरण मामले में शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जाति आधारित भेदभाव और बहिष्कार से मानवीय गरिमा तथा समानता के सिद्धांतों को ठेस पहुंचती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमारी लड़ाई धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर होने वाले भेदभाव के खिलाफ है। मुझे अपने धर्म पर गर्व है।

मेरा नाम खुद 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक से प्रेरित है। धर्म लोगों को जोड़ता है, न कि उन्हें बांटता है।’’
उन्होंने कहा कि दलितों को देश के हर मंदिर में बिना किसी भेदभाव के प्रवेश करने और पूजा करने का अधिकार होना चाहिए। खरगे ने ‘शुद्धीकरण’ की घटना के विरोध में उत्तराखंड के हल्द्वानी गए राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि मौजूदा व्यवस्था को चुनौती देने वालों के लिए कितनी जगह बची है। अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के संबंध में भाजपा पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा, ‘‘मैं भगवान राम से प्रार्थना करता हूं कि वह अपनी आंखें खोलें और उनके नाम पर लूट करने वालों को दंड दें।’’
उन्होंने महंगाई से निपटने के राज्य सरकार के तरीके की भी आलोचना की और सवाल उठाया कि जब जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतें लोगों की पहुंच से बाहर हैं, तो ‘अमृत काल’ लाने के उसके वादे का क्या मतलब है।

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