कटे होंठ-तालू की समस्या वाले 5 बच्चे पटना भेजे गए:अररिया जिले में मिले थे 19 बच्चे, मेडिवर्सल मातृ हॉस्पिटल में होगी जांच, जरूरत पर सर्जरी भी होगी

कटे होंठ-तालू की समस्या वाले 5 बच्चे पटना भेजे गए:अररिया जिले में मिले थे 19 बच्चे, मेडिवर्सल मातृ हॉस्पिटल में होगी जांच, जरूरत पर सर्जरी भी होगी

अररिया जिला स्वास्थ्य समिति ने कटे होंठ और तालू की समस्या वाले बच्चों के लिए एक पहल की है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में ऐसे 19 बच्चों की पहचान हुई थी। इनमें से पांच बच्चों को आगे की जांच और इलाज के लिए पटना भेजा गया है। मेडिवर्सल मातृ हॉस्पिटल में उनकी उच्चस्तरीय जांच होगी और जरूरत के हिसाब से सर्जरी की जाएगी। पांच बच्चों को इलाज के लिए पटना भेजा बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ अररिया परिसर से एम्बुलेंस से पटना रवाना किया गया। इस दौरान जिला समन्वयक डॉ. डोली साह, डॉ. भास्कर नारायण और डॉ. अफताब मौजूद थे। फारबिसगंज के फार्मासिस्ट नरेश कुमार को भी बच्चों और उनके परिवारों की मदद के लिए साथ भेजा गया है। पटना भेजे गए बच्चों में कुर्साकांटा प्रखंड के सुभाष कुमार, दीपअंशी कुमारी, कियानशदीप कुमार, नरपतगंज प्रखंड के शिवांश कुमार और अररिया प्रखंड के ओलिद अहमद शामिल हैं। इनकी पहचान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने की थी। बच्चों को भेजने से पहले अभिभावकों की काउंसलिंग भी की गई। समय पर पहचान और इलाज पर जोर जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों में जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, जांच और जरूरत के अनुसार अस्पताल में इलाज की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। कटे होंठ और तालू की समस्या से प्रभावित बच्चों के लिए समय पर विशेषज्ञ जांच और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की यह पहल बच्चों और उनके परिवारों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। अररिया जिला स्वास्थ्य समिति ने कटे होंठ और तालू की समस्या वाले बच्चों के लिए एक पहल की है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में ऐसे 19 बच्चों की पहचान हुई थी। इनमें से पांच बच्चों को आगे की जांच और इलाज के लिए पटना भेजा गया है। मेडिवर्सल मातृ हॉस्पिटल में उनकी उच्चस्तरीय जांच होगी और जरूरत के हिसाब से सर्जरी की जाएगी। पांच बच्चों को इलाज के लिए पटना भेजा बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ अररिया परिसर से एम्बुलेंस से पटना रवाना किया गया। इस दौरान जिला समन्वयक डॉ. डोली साह, डॉ. भास्कर नारायण और डॉ. अफताब मौजूद थे। फारबिसगंज के फार्मासिस्ट नरेश कुमार को भी बच्चों और उनके परिवारों की मदद के लिए साथ भेजा गया है। पटना भेजे गए बच्चों में कुर्साकांटा प्रखंड के सुभाष कुमार, दीपअंशी कुमारी, कियानशदीप कुमार, नरपतगंज प्रखंड के शिवांश कुमार और अररिया प्रखंड के ओलिद अहमद शामिल हैं। इनकी पहचान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने की थी। बच्चों को भेजने से पहले अभिभावकों की काउंसलिंग भी की गई। समय पर पहचान और इलाज पर जोर जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों में जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, जांच और जरूरत के अनुसार अस्पताल में इलाज की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। कटे होंठ और तालू की समस्या से प्रभावित बच्चों के लिए समय पर विशेषज्ञ जांच और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की यह पहल बच्चों और उनके परिवारों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है।  

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