हरमनप्रीत कौर (121 गेंद में 126 रन) और दीप्ति शर्मा (86 गेंद में नाबाद 106 रन) के शानदार शतक से भारत ने रविवार को यहां जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में छह विकेट पर 328 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हरमनप्रीत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से मैदान पर मौजूद दर्शकों का मनोरंजन किया। ऑफ साइड में उनके आकर्षक कवर ड्राइव और कट शॉट देखने लायक थे।भारत की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत ने ऑलराउंडर दीप्ति के साथ पांचवें विकेट के लिए 153 रन की साझेदारी की। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही।कप्तान स्मृति मंधाना (00) और शेफाली वर्मा (08) सस्ते में पवेलियन लौट गईं। नवनियुक्त कप्तान स्मृति मैच के पहले ओवर में पुल शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठीं जबकि शेफाली ने मिडविकेट पर नयाशा ग्वानजुरा को कैच थमाया। दोनों विकेट नोमवेलो सिबांडा (38 रन पर दो विकेट) के खाते में गए।इसके बाद सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल (67 गेंद में 61 रन) और हरमनप्रीत ने तीसरे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी करके पारी को संभाला। शानदार फॉर्म में चल रहीं भारतीय सलामी बल्लेबाज प्रतिका 23वें ओवर में डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठीं। ग्वानजुरा की गेंद पर बिलव्ड बिजा ने उनका कैच लपका।तेजल हसबनीस भी सिर्फ तीन रन बनाने के बाद ओलिंडर चेयर की गेंद पर स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में मिशेल नावुंगा के हाथों लपकी गईं। इसके बाद हरमनप्रीत ने अपनी बेहतरीन और संतुलित पारी से मैच पर नियंत्रण बना लिया। हालांकि उन्हें किस्मत का भी साथ मिला और तीन बार उनके कैच छूटे।यह हरमनप्रीत का आठवां एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक था। ऐसा लग रहा है कि कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद वह अपने खेल का भरपूर आनंद ले रही हैं। हरमनप्रीत अंतत: मावुंगा की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी कुडजाइ चिगोरा के हाथों लपकी गईं।उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके मारे। भारतीय टीम पारी का अंत उम्मीद के मुताबिक नहीं कर सकी। टीम की फिनिशर ऋचा घोष (07) ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं जिससे रन गति पर अंकुश लगा।दीप्ति ने पारी के अंतिम ओवर में स्क्वायर लेग की दिशा में चौका लगाकर अपना दूसरा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। दौरे पर बल्लेबाजी में संघर्ष कर रही जिम्बाब्वे की टीम को भारत के इस विशाल स्कोर के करीब पहुंचने के लिए अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा।
हरमनप्रीत कौर (121 गेंद में 126 रन) और दीप्ति शर्मा (86 गेंद में नाबाद 106 रन) के शानदार शतक से भारत ने रविवार को यहां जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में छह विकेट पर 328 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हरमनप्रीत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से मैदान पर मौजूद दर्शकों का मनोरंजन किया। ऑफ साइड में उनके आकर्षक कवर ड्राइव और कट शॉट देखने लायक थे।
भारत की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत ने ऑलराउंडर दीप्ति के साथ पांचवें विकेट के लिए 153 रन की साझेदारी की। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही।
कप्तान स्मृति मंधाना (00) और शेफाली वर्मा (08) सस्ते में पवेलियन लौट गईं। नवनियुक्त कप्तान स्मृति मैच के पहले ओवर में पुल शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठीं जबकि शेफाली ने मिडविकेट पर नयाशा ग्वानजुरा को कैच थमाया। दोनों विकेट नोमवेलो सिबांडा (38 रन पर दो विकेट) के खाते में गए।
इसके बाद सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल (67 गेंद में 61 रन) और हरमनप्रीत ने तीसरे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी करके पारी को संभाला। शानदार फॉर्म में चल रहीं भारतीय सलामी बल्लेबाज प्रतिका 23वें ओवर में डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठीं। ग्वानजुरा की गेंद पर बिलव्ड बिजा ने उनका कैच लपका।
तेजल हसबनीस भी सिर्फ तीन रन बनाने के बाद ओलिंडर चेयर की गेंद पर स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में मिशेल नावुंगा के हाथों लपकी गईं। इसके बाद हरमनप्रीत ने अपनी बेहतरीन और संतुलित पारी से मैच पर नियंत्रण बना लिया। हालांकि उन्हें किस्मत का भी साथ मिला और तीन बार उनके कैच छूटे।
यह हरमनप्रीत का आठवां एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक था। ऐसा लग रहा है कि कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद वह अपने खेल का भरपूर आनंद ले रही हैं। हरमनप्रीत अंतत: मावुंगा की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी कुडजाइ चिगोरा के हाथों लपकी गईं।
उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके मारे। भारतीय टीम पारी का अंत उम्मीद के मुताबिक नहीं कर सकी। टीम की फिनिशर ऋचा घोष (07) ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं जिससे रन गति पर अंकुश लगा।
दीप्ति ने पारी के अंतिम ओवर में स्क्वायर लेग की दिशा में चौका लगाकर अपना दूसरा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। दौरे पर बल्लेबाजी में संघर्ष कर रही जिम्बाब्वे की टीम को भारत के इस विशाल स्कोर के करीब पहुंचने के लिए अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा।
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