बांका के बाराहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत तप्पाडीह निवासी दरोगा योगेश कुमार की मौत के मामले में रविवार को परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शव गांव पहुंचने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में तिरंगा झंडा लेकर सड़क पर उतर आए और भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। आक्रोशित लोग योगेश कुमार अमर रहें, भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने तथा घटना में संलिप्त लोगों को फांसी की सजा देने की मांग पर अड़ गए। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रहने से मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस गाड़ी से बॉडी गांव लाया गया जानकारी के अनुसार, दरोगा योगेश कुमार भागलपुर जिले के नवगछिया एसपी कार्यालय में रीडर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार को नवगछिया पुलिस लाइन में उनका शव फंदे से लटका मिला था। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों में मातम पसर गया। शनिवार की रात पुलिस सुरक्षा के बीच पुलिस वाहन से उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया। रविवार की सुबह शव यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण और स्थानीय लोग जुटे थे। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लेकिन देखते ही देखते शोक आक्रोश में बदल गया और लोग न्याय की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गए। आक्रोशित लोगों ने शव वाहन के साथ बाराहाट के समीप भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे लोग इस मामले में सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे थे। परिजनों और ग्रामीणों ने योगेश कुमार की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया परिजन का कहना है कि योगेश कुमार आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते। परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। उनका कहना था कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सड़क जाम की सूचना मिलते ही बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा और बाराहाट थानाध्यक्ष अशोक कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल हो सका। धमकी देने का लगाया आरोप बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि आक्रोशित लोगों ने करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रखा था। समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया गया और जाम समाप्त कराया गया। उन्होंने कहा कि घटना भागलपुर जिले की है। योगेश की बहन संगीता देवी और सौतेली मां रोजी देवी ने कहा कि शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा था। संगीता देवी ने आरोप लगाया कि शादी के समय गुड़िया के पिता और भाई की ओर से योगेश को धमकी दी गई थी। ”शादी के बराबर है मौत” योगेश के जीजा अमित ने बताया कि गुड़िया योगेश का सम्मान नहीं करती थी। ढंग से योगेश से बात नहीं करती थी। इसको लेकर विवाद होता था। गुड़िया योगेश को नीचा दिखाने के लहजे में बोलती थी।परिजनो के मुताबिक दुर्गापूजा के दौरान गुड़िया दो दिन के लिए नवगछिया आई थीं। उसके बाद वह वापस चली गयी। योगेश पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर में रहते थे। नवगछिया पुलिस लाइन में दारोगा के कमरे से ही पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें अंतरजातीय शादी और परिवार के बीच सामंजस्य नहीं होने की बात लिखी गयी है। नोट में उसने लिखा कि ऐसी शादी कर जिंदगी जीने से बेहतर मौत को गले लगाना है। शादी के बराबर है मौत। बांका के बाराहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत तप्पाडीह निवासी दरोगा योगेश कुमार की मौत के मामले में रविवार को परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शव गांव पहुंचने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में तिरंगा झंडा लेकर सड़क पर उतर आए और भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। आक्रोशित लोग योगेश कुमार अमर रहें, भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने तथा घटना में संलिप्त लोगों को फांसी की सजा देने की मांग पर अड़ गए। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रहने से मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस गाड़ी से बॉडी गांव लाया गया जानकारी के अनुसार, दरोगा योगेश कुमार भागलपुर जिले के नवगछिया एसपी कार्यालय में रीडर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार को नवगछिया पुलिस लाइन में उनका शव फंदे से लटका मिला था। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों में मातम पसर गया। शनिवार की रात पुलिस सुरक्षा के बीच पुलिस वाहन से उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया। रविवार की सुबह शव यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण और स्थानीय लोग जुटे थे। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लेकिन देखते ही देखते शोक आक्रोश में बदल गया और लोग न्याय की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गए। आक्रोशित लोगों ने शव वाहन के साथ बाराहाट के समीप भागलपुर-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे लोग इस मामले में सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे थे। परिजनों और ग्रामीणों ने योगेश कुमार की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया परिजन का कहना है कि योगेश कुमार आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते। परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। उनका कहना था कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सड़क जाम की सूचना मिलते ही बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा और बाराहाट थानाध्यक्ष अशोक कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल हो सका। धमकी देने का लगाया आरोप बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि आक्रोशित लोगों ने करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रखा था। समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया गया और जाम समाप्त कराया गया। उन्होंने कहा कि घटना भागलपुर जिले की है। योगेश की बहन संगीता देवी और सौतेली मां रोजी देवी ने कहा कि शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा था। संगीता देवी ने आरोप लगाया कि शादी के समय गुड़िया के पिता और भाई की ओर से योगेश को धमकी दी गई थी। ”शादी के बराबर है मौत” योगेश के जीजा अमित ने बताया कि गुड़िया योगेश का सम्मान नहीं करती थी। ढंग से योगेश से बात नहीं करती थी। इसको लेकर विवाद होता था। गुड़िया योगेश को नीचा दिखाने के लहजे में बोलती थी।परिजनो के मुताबिक दुर्गापूजा के दौरान गुड़िया दो दिन के लिए नवगछिया आई थीं। उसके बाद वह वापस चली गयी। योगेश पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर में रहते थे। नवगछिया पुलिस लाइन में दारोगा के कमरे से ही पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें अंतरजातीय शादी और परिवार के बीच सामंजस्य नहीं होने की बात लिखी गयी है। नोट में उसने लिखा कि ऐसी शादी कर जिंदगी जीने से बेहतर मौत को गले लगाना है। शादी के बराबर है मौत।

