(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 25 अक्टूबर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से आग्रह किया कि वह ‘‘गुमराह करने वाले’’ हथकंडे अपनाना बंद करे और अपनी जमीन से संचालित उन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे जो पाकिस्तान को निशाना बना रहे हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने यह बयान अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के आरोपों के बाद शनिवार देर रात जारी किया। मुजाहिद ने पाकिस्तान पर अपनी सुरक्षा संबंधी विफलताओं का दोष पाकिस्तान पर मढ़ने का आरोप लगाया था।
मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अफगान तालिबान शासन पाकिस्तान की ‘‘वैध और लंबे समय से उठाई जा रही सुरक्षा संबंधी चिंताओं’’ को दूर करने के बजाय ‘‘मुद्दे से ध्यान भटकाने वाले आरोप’’ लगा रहा है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के सुरक्षा संस्थानों पर आरोप लगाने से अफगान शासन पाकिस्तान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए होने से रोकने की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता।’’
सूचना मंत्रालय ने अफगान तालिबान से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और उनके सहयोगियों समेत विभिन्न आतंकवादी संगठनों को किसी भी तरह का संरक्षण, सुविधा या समर्थन देना बंद करने का आह्वान किया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने को कहा कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रचने या हमले करने के लिए न हो।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस तरह की चिंताओं को सीधे तौर पर नकारकर खारिज नहीं किया जा सकता। इनके लिए विश्वसनीय स्पष्टीकरण और ऐसी कार्रवाई की आवश्यकता है, जिसकी पुष्टि की जा सके।’’
बयान में कहा गया कि पाकिस्तान के सुरक्षा उपाय आतंकवादी खतरों के खिलाफ हैं, न कि अफगान जनता के खिलाफ। इससे पहले, अफगान तालिबान के प्रवक्ता मुजाहिद ने शुक्रवार को पाकिस्तान के इन दावों को खारिज कर दिया था कि अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए होने दे रहा है।
उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों पर अपनी सुरक्षा संबंधी विफलताओं का दोष काबुल पर मढ़ने का आरोप लगाया था।

