औरंगाबाद जिले में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, इस अवधि में बिहार के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों से सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि प्रतिकूल मौसम के दौरान लापरवाही जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। किसानों की बढ़ सकती है परेशानी, पकी फसल काटकर सुरक्षित रखने की सलाह मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खरीफ फसलों की कटाई के समय को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कहा है कि जिन खेतों में फसल पककर तैयार हो चुकी है, वहां मौसम अनुकूल रहने पर कटाई कर उपज को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखा जाए।खेतों में कटी हुई फसलों या खुले स्थानों पर सुखाने के लिए रखी गई उपज को तिरपाल अथवा अन्य उपयुक्त साधनों से ढककर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश से फसल भीगने और नुकसान होने की आशंका कम हो सके। वज्रपात से बचने के लिए खुले मैदान और पेड़ों से रहें दूर जिला प्रशासन ने मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, जलाशय, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास नहीं रहने की सलाह दी है। ऐसी स्थिति में तत्काल किसी मजबूत पक्के भवन में शरण लेनी चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के उपकरणों तथा तारों के संपर्क में आने से बचने को कहा गया है। औरंगाबाद जिले में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, इस अवधि में बिहार के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों से सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि प्रतिकूल मौसम के दौरान लापरवाही जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। किसानों की बढ़ सकती है परेशानी, पकी फसल काटकर सुरक्षित रखने की सलाह मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खरीफ फसलों की कटाई के समय को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कहा है कि जिन खेतों में फसल पककर तैयार हो चुकी है, वहां मौसम अनुकूल रहने पर कटाई कर उपज को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखा जाए।खेतों में कटी हुई फसलों या खुले स्थानों पर सुखाने के लिए रखी गई उपज को तिरपाल अथवा अन्य उपयुक्त साधनों से ढककर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश से फसल भीगने और नुकसान होने की आशंका कम हो सके। वज्रपात से बचने के लिए खुले मैदान और पेड़ों से रहें दूर जिला प्रशासन ने मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, जलाशय, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास नहीं रहने की सलाह दी है। ऐसी स्थिति में तत्काल किसी मजबूत पक्के भवन में शरण लेनी चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के उपकरणों तथा तारों के संपर्क में आने से बचने को कहा गया है।

