18 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल:केंद्रीय टीम ने की बेनीपुर-मनीगाछी सड़क की जांच, मौके से लिए सैंपल

18 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल:केंद्रीय टीम ने की बेनीपुर-मनीगाछी सड़क की जांच, मौके से लिए सैंपल

दरभंगा जिले में बेनीपुर से मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता की जांच शनिवार को केंद्रीय गुणवत्ता जांच एजेंसी की टीम ने की। टीम के अधिकारी जगदीश गर्ग ने सड़क की खुदाई कर उसकी मोटाई की जांच की और निर्माण सामग्री के सैंपल संग्रहित किए। इन सैंपलों की जांच दिल्ली स्थित प्रयोगशाला में कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही सड़क की वास्तविक गुणवत्ता स्पष्ट हो सकेगी। जांच के दौरान आरडब्ल्यूडी बेनीपुर के कार्यपालक अभियंता विवेक कुमार सोनी, सहायक अभियंता सुनील कुमार प्रसाद, जेई विनीता कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। वहीं, दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल की ओर से प्रतिनियुक्त तीन सदस्यीय दल में जदयू मनीगाछी के प्रखंड अध्यक्ष संतोष सिंह, जदयू जिला उपाध्यक्ष मुरारी मोहन मिश्र और देवन साह शामिल रहे। 23.92 करोड़ की लागत से बन रही सड़क बेनीपुर को मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली यह सड़क नवादा, बैंगनी, सझुआर, मैनारहिका, बाजितपुर, भंडारिसम, मकरंदा और बलौर होते हुए गुजरती है। सड़क की प्राक्कलित राशि 23.92 करोड़ रुपए बताई गई है। निर्माण कार्य जुलाई 2024 में शुरू हुआ था और जनवरी 2026 तक पूरा होना था। हालांकि, सड़क के कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य लंबित रहने की बात सामने आई है। निर्माण के एक साल में ही उखड़ने लगी गिट्टी सड़क की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय स्तर पर सड़क के कंक्रीट वाले हिस्से में खुरदरापन और कालीकरण वाले हिस्से में अलकतरा के साथ गिट्टी उखड़ने की शिकायत की गई है। सड़क के दोनों ओर फ्लैंक निर्माण का काम भी पूरा नहीं होने की बात कही गई है। गुणवत्ता की जांच के लिए मिथिला संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. राम मोहन झा ने राज्य और केंद्रीय जांच एजेंसियों को पत्र भेजा था। इससे पहले प्रांतीय जांच एजेंसी भी सड़क की जांच कर चुकी है। सड़क की खुदाई कर लिए सैंपल केंद्रीय टीम ने प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर सड़क की खुदाई कर मोटाई की जांच की और सामग्री के नमूने लिए। टीम के अधिकारी जगदीश गर्ग ने बताया कि सैंपल की जांच दिल्ली की लैब में कराई जाएगी। इसके बाद ही गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। वहीं, आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सुनील कुमार प्रसाद ने प्रथम दृष्टया निर्माण कार्य को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि सड़क की निर्धारित मियाद पांच वर्ष होती है। निर्माण एजेंसी ने बताया 12वीं बार हुई जांच निर्माण एजेंसी के प्रोपराइटर सुमन कुमार झा ने दावा किया कि सड़क की यह 12वीं जांच है। उनके अनुसार, विभागीय स्तर पर अलग-अलग टीमों द्वारा जांच की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा बेनीपुर विधायक डॉ. विनय कुमार चौधरी और डॉ. राम मोहन झा की शिकायत पर भी जांच हुई थी। उन्होंने दावा किया कि पिछली 11 जांच में निर्माण कार्य ठीक पाया गया था। दरभंगा जिले में बेनीपुर से मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता की जांच शनिवार को केंद्रीय गुणवत्ता जांच एजेंसी की टीम ने की। टीम के अधिकारी जगदीश गर्ग ने सड़क की खुदाई कर उसकी मोटाई की जांच की और निर्माण सामग्री के सैंपल संग्रहित किए। इन सैंपलों की जांच दिल्ली स्थित प्रयोगशाला में कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही सड़क की वास्तविक गुणवत्ता स्पष्ट हो सकेगी। जांच के दौरान आरडब्ल्यूडी बेनीपुर के कार्यपालक अभियंता विवेक कुमार सोनी, सहायक अभियंता सुनील कुमार प्रसाद, जेई विनीता कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। वहीं, दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल की ओर से प्रतिनियुक्त तीन सदस्यीय दल में जदयू मनीगाछी के प्रखंड अध्यक्ष संतोष सिंह, जदयू जिला उपाध्यक्ष मुरारी मोहन मिश्र और देवन साह शामिल रहे। 23.92 करोड़ की लागत से बन रही सड़क बेनीपुर को मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली यह सड़क नवादा, बैंगनी, सझुआर, मैनारहिका, बाजितपुर, भंडारिसम, मकरंदा और बलौर होते हुए गुजरती है। सड़क की प्राक्कलित राशि 23.92 करोड़ रुपए बताई गई है। निर्माण कार्य जुलाई 2024 में शुरू हुआ था और जनवरी 2026 तक पूरा होना था। हालांकि, सड़क के कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य लंबित रहने की बात सामने आई है। निर्माण के एक साल में ही उखड़ने लगी गिट्टी सड़क की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय स्तर पर सड़क के कंक्रीट वाले हिस्से में खुरदरापन और कालीकरण वाले हिस्से में अलकतरा के साथ गिट्टी उखड़ने की शिकायत की गई है। सड़क के दोनों ओर फ्लैंक निर्माण का काम भी पूरा नहीं होने की बात कही गई है। गुणवत्ता की जांच के लिए मिथिला संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. राम मोहन झा ने राज्य और केंद्रीय जांच एजेंसियों को पत्र भेजा था। इससे पहले प्रांतीय जांच एजेंसी भी सड़क की जांच कर चुकी है। सड़क की खुदाई कर लिए सैंपल केंद्रीय टीम ने प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर सड़क की खुदाई कर मोटाई की जांच की और सामग्री के नमूने लिए। टीम के अधिकारी जगदीश गर्ग ने बताया कि सैंपल की जांच दिल्ली की लैब में कराई जाएगी। इसके बाद ही गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। वहीं, आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सुनील कुमार प्रसाद ने प्रथम दृष्टया निर्माण कार्य को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि सड़क की निर्धारित मियाद पांच वर्ष होती है। निर्माण एजेंसी ने बताया 12वीं बार हुई जांच निर्माण एजेंसी के प्रोपराइटर सुमन कुमार झा ने दावा किया कि सड़क की यह 12वीं जांच है। उनके अनुसार, विभागीय स्तर पर अलग-अलग टीमों द्वारा जांच की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा बेनीपुर विधायक डॉ. विनय कुमार चौधरी और डॉ. राम मोहन झा की शिकायत पर भी जांच हुई थी। उन्होंने दावा किया कि पिछली 11 जांच में निर्माण कार्य ठीक पाया गया था।  

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