मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य में शांति, सद्भाव और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समिति गठित करेगी, जिसमें सभी 36 समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सिंह ने इंफाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में विभिन्न जनजातियों के पहाड़ी क्षेत्रों के प्रमुखों को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे पूछा था कि क्या राज्य में सभी समुदायों को एकजुट करने के लिए कोई समिति है जिसके बाद समिति गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। इस कार्यक्रम से पहले ‘मेरा हौ चोंगबा’ उत्सव के तहत ‘पैलेस कंपाउंड’ में पहाड़ी क्षेत्रों के जनजातीय प्रमुखों के लिए एक अतिथि गृह का उद्घाटन किया गया था।
सिंह ने एंग्लो-मणिपुर युद्ध और सात वर्ष के विनाशकारी दौर (1819 से 1826 के बीच मणिपुर पर बर्मा के कब्जे के दौरान हुए विनाश) को याद करते हुए राज्य की भूमि, पहचान और विरासत की रक्षा के लिए दिए गए बलिदानों को याद किया। उन्होंने कहा कि मणिपुर की रक्षा में सभी समुदायों ने हमेशा योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह उत्सव राज्य में शांति और समृद्धि लाएगा तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करेगा।
उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि पहाड़ी क्षेत्रों के लोग भी इस साल उत्सव में शामिल हुए, जिनमें कुछ ऐसे लोग भी थे जो पहले इंफाल आने से हिचकिचाते थे। सिंह ने कहा कि अतिथि गृह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के बीच भाईचारे का प्रतीक है। ‘मेरा हौ चोंगबा’ उत्सव राज्य की विभिन्न जनजातियों और समुदायों के बीच शांति और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।

