शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने सोशल मीडिया पर प्रसारित ‘500 करोड़ रुपये’ वाले ऑडियो क्लिप पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार इस आरोप से इनकार किया कि उन्हें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को देने के लिए कोई रकम मिली थी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत ने कहा कि वह भी उस व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं, जिसे कथित तौर पर उन्हें देने के लिए यह रकम सौंपी गई थी। शिंदे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं भी उस व्यक्ति की तलाश कर रहा हूं, जिसे 500 करोड़ रुपये दिए गए थे।
यह रकम मुझ तक पहुंची ही नहीं। मेरा भी वही सवाल है, जो जरांगे का है।’’
उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, ‘‘हम सोच रहे थे कि 500 करोड़ रुपये की गड्डी कैसी दिखती होगी और उसे ले जाने के लिए कितने वाहनों की जरूरत पड़ेगी।’’
शिवसेना सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जिससे सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। जरांगे ने बृहस्पतिवार को एक ऑडियो क्लिप जारी कर आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई थी।
भाजपा पदाधिकारियों की कथित आवाज वाले वीडियो में एक महिला यह दावा करते हुए सुनाई देती है कि श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। रिकॉर्डिंग में वक्ताओं को 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले मराठवाड़ा क्षेत्र में जरांगे के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का मुकाबला करने की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए भी सुना जा सकता है। वहीं, ठाणे में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर निशाना साधते हुए उसके घटक दलों के बीच ‘गैंगवार’ होने का दावा किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना जनकल्याण के बजाय राजनीतिक लालच और सत्ता में हिस्सेदारी के लिए काम कर रही हैं, लेकिन अंततः दोनों दल फिर साथ आ जाएंगे। सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) महायुति की तीसरी सहयोगी है। कांग्रेस नेता ने ठाणे शहर में पिछले महीने मारे गए शिवसेना (उबाठा) नेता प्रदीप पूर्णेकर के परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यह टिप्पणी की।
सपकाल ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों, खासकर शिवसेना के बीच काफी खींचतान है। उन्होंने इसे ‘‘गैंगवार’’ करार दिया।

