अंबाजी. पालनपुर. जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णोदेवी मंदिर में आरासुरी अंबाजी देवस्थान ट्रस्ट के सहयोग और अहमदाबाद के जय भोले ग्रुप की पहल पर दो विशेष श्री यंत्रों की विधि-विधान से स्थापना की गई। इनमें देशभर के 51 शक्तिपीठों से एकत्रित पवित्र मिट्टी से निर्मित श्री यंत्र और करीब 70 किलोग्राम वजन का पंचधातु श्री यंत्र शामिल है।
बनासकांठा के जिला कलक्टर एवं आरासुरी अंबाजी देवस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष मिहिर पटेल की उपस्थिति में वैष्णोदेवी मंदिर के मुख्य पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार और शास्त्रोक्त विधि-विधान से दोनों श्री यंत्रों की स्थापना कराई। इस पहल का उद्देश्य देश के प्रमुख शक्तिपीठों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।
51 शक्तिपीठों की मिट्टी से बना विशेष श्री यंत्र
इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण 51 शक्तिपीठों की पवित्र मिट्टी से तैयार किया गया विशेष श्री यंत्र रहा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जिन स्थानों पर माता सती के अंग गिरे थे, उन्हें शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है। इन शक्तिपीठों की मिट्टी को एकत्रित कर श्री यंत्र का निर्माण शक्ति उपासना की विभिन्न परंपराओं को एक सूत्र में जोड़ने का प्रतीक है। इसके साथ ही माता त्रिपुर सुंदरी की साधना के प्रतीक के रूप में पंचधातु से निर्मित श्री यंत्र भी वैष्णोदेवी मंदिर में अर्पित किया गया।
श्रृंगेरी शारदा पीठ में हुई थी पूजा
आयोजकों के अनुसार, दोनों श्री यंत्रों की शारदीय नवरात्रि के पहले दिन दक्षिण भारत के ऐतिहासिक श्री श्रृंगेरी शारदा पीठम में जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती के करकमलों से विधिवत पूजा कराई गई थी। इसके बाद इन्हें माता वैष्णोदेवी मंदिर में स्थापना के लिए लाया गया। इस अवसर पर कलक्टर पटेल ने कहा कि ट्रस्ट के सहयोग से जय भोले ग्रुप ने करीब 70 किलोग्राम पंचधातु से निर्मित श्री यंत्र माता वैष्णोदेवी के चरणों में अर्पित किया है। उन्होंने इस पहल के लिए अहमदाबाद के जय भोले ग्रुप, दीपेशभाई और उनकी टीम के साथ श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड प्रशासन की सराहना की। कार्यक्रम में ट्रस्ट के व्यवस्थापक कौशिक मोदी भी उपस्थित रहे।

