ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने पहली बार स्मार्टफोन खरीदा है। वे अब तक निजी मोबाइल फोन इस्तेमाल करने से बचते रहे हैं, क्योंकि उन्हें चिंता थी कि फोन पर बातचीत रिकॉर्ड या लीक हो सकती है। लूला जरूरत पड़ने पर दूसरों के फोन का इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब वे सेल्फी लेना और इंस्टाग्राम चलाना सीख रहे हैं। उन्होंने शनिवार को एक चुनावी रैली में कहा कि अब वे इंटरनेट का इस्तेमाल करना सीख रहे हैं। माना जा रहा है कि चुनाव के पहले दौर में उम्मीद से कम वोट मिलने के बाद लूला ने सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान देना शुरू किया है। ब्राजील में 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति चुनाव है। उनका मुकाबला फ्लावियो बोल्सोनारो से है। लूला को सोशल मीडिया सिखा रही कानून की छात्रा पहले दौर में उम्मीद से कम वोट मिलने के बाद लूला की टीम में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आना एलिसा सिल्वा को शामिल किया गया। वे सोशल मीडिया के जरिए लूला को युवाओं से जुड़ने और उनके बीच अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद कर रही हैं। आना ने बताया कि लूला ने राजनीति उस दौर में शुरू की थी, जब इंटरनेट नहीं था। तब वे मजदूरों, ट्रेड यूनियनों और बड़ी रैलियों के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाते थे। लेकिन अब युवा सोशल मीडिया के जरिए खबरें और जानकारी हासिल करते हैं। ऐसे में लूला को भी अपने पुराने प्रचार के तरीकों के साथ सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना सीखना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ वाले नेताओं का दबदबा पहले दौर के चुनाव में कई युवा नेताओं को बड़ी जीत मिली। इन नेताओं की सोशल मीडिया पर भी अच्छी पकड़ है। वे इंटरनेट के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं तक अपनी बात पहुंचाते हैं। इससे चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया की अहमियत भी सामने आई है। दक्षिणपंथी लिबरल पार्टी के 30 साल के निकोलस फरेरा को चुनाव में 30 लाख से ज्यादा वोट मिले। सोशल मीडिया पर भी उनकी मजबूत पकड़ है। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 2.5 करोड़ फॉलोअर्स हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए अपने समर्थकों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाते हैं। वहीं, वामपंथी नेताओं में 33 साल की एरिका हिल्टन और 21 साल की आना एलिसा सिल्वा ने भी चुनाव में जीत हासिल की। दोनों को 5 लाख से ज्यादा वोट मिले। इन युवा नेताओं की जीत दिखाती है कि ब्राजील की राजनीति में नई पीढ़ी के नेताओं को भी समर्थन मिल रहा है। चौथी बार राष्ट्रपति बनने की रेस में लूला 81 साल के लूला 2003 से 2010 तक राष्ट्रपति रह चुके हैं। 2023 में उन्होंने तीसरी बार सत्ता संभाली थी। अब वे चौथी बार राष्ट्रपति बनना चाहते हैं। ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर की वोटिंग 4 अक्टूबर को हुई थी। इसमें लूला दा सिल्वा को 45% वोट मिले, जबकि पूर्व राष्ट्रपति के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो को 47% वोट मिले। किसी भी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले, इसलिए अब दूसरे दौर का मतदान हो रहा है। ब्राजील में चुनाव पर अमेरिका और चीन की नजर ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और BRICS का संस्थापक सदस्य भी है। इसलिए यहां सरकार बदलने का असर सिर्फ देश की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। लूला की सरकार चीन और BRICS देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में उनकी वापसी से इन देशों के साथ मौजूदा रिश्ते और सहयोग जारी रहने की संभावना है। दूसरी तरफ फ्लावियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीब माना जाता है। ऐसे में उनकी जीत से अमेरिका के साथ ब्राजील के रिश्तों में नया बदलाव आ सकता है। यानी इस चुनाव में मुकाबला सिर्फ लूला बनाम फ्लावियो का नहीं है। ब्राजील आगे अमेरिका के करीब जाता है या चीन और BRICS के साथ अपने मौजूदा रिश्तों को और मजबूत करता है, यह इस 25 अक्टूबर को होने वाले चुनाव का नतीजा तय करेगा। —————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला कानून रोका, बोले- हमें फायदा, रूस से कर चुका डीजल खरीद डील अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाले कानून को फिलहाल रोक दिया है। ट्रम्प ने शुक्रवार को इस फैसले से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए और कहा कि यह कदम अमेरिका के हित में है। पूरी खबर पढ़ें…
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने पहली बार फोन खरीदा:81 की उम्र में सेल्फी लेना, इंस्टाग्राम चलाना सीख रहे; कल चुनाव में बोल्सोनारो से मुकाबला

