स्थानीय गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में पहला लिवर प्रत्यारोपण किया गया, जिसके साथ ही यह ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला पूर्वोत्तर का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। डॉक्टर सेंथिल कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम ने शुक्रवार को शुरू हुई 16 घंटे लंबी सर्जरी के जरिये 48-वर्षीय एक मरीज का सफल प्रत्यारोपण किया।
मरीज को उसकी छोटी बहन ने अपने लिवर का एक हिस्सा दान किया था। शर्मा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘असम एक ऐसी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण कर रहा है जो देश में सर्वश्रेष्ठ सेवाओं का मुकाबला करती है, और आज हमने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘जीएमसीएच ने असम के किसी सरकारी अस्पताल में पहला लिवर प्रत्यारोपण किया है। सोलह घंटे चली इस जटिल सर्जरी में कामरूप मेट्रो जिले के 48-वर्षीय व्यक्ति को उसकी छोटी बहन से लिवर का एक हिस्सा मिला।
बहन के इस साहस ने उसे नया जीवन दिया है। मैं पूरी चिकित्सा टीम को बधाई देता हूं।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि अंगदाता (बहन) और अंग प्राप्तकर्ता (मरीज) दोनों की स्थिति में सुधार हो रहा है और चिकित्सकों की देखरेख में उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने 2025 में लिवर प्रत्यारोपण कार्यक्रम की शुरुआत की थी, तब हमने एक स्पष्ट निर्णय लिया था कि जीवन बचाने वाली यह जटिल चिकित्सा सुविधा असम के हमारे सरकारी अस्पतालों में हर नागरिक के लिए उपलब्ध होनी चाहिए।
आज वह निर्णय परिणाम दे रहा है।’’
शर्मा ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है, क्योंकि राज्य सरकार पूरे असम में कैंसर देखभाल का एक व्यापक नेटवर्क भी तैयार कर रही है। जीएमसीएच अब भारत के उन 10 राज्य-संचालित (सरकारी) चिकित्सा महाविद्यालयों में शामिल हो गया है, जहां लिवर प्रत्यारोपण करने की सुविधा और क्षमता उपलब्ध है।

