सुपौल में बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे अंतरजिला गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से पांच देसी कट्टा, एक पिस्टल और 17 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने एक मोटरसाइकिल, हथौड़े, प्लाय कटर समेत अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों का इस्तेमाल गृहभेदन समेत अन्य आपराधिक घटनाओं में किया जा सकता था। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने कथित तौर पर गिरोह की योजना विफल कर दी। शनिवार को एसपी शरथ आरएस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि जिले में गंभीर आपराधिक घटना की साजिश रचे जाने की सूचना मिलने के बाद विशेष टीम गठित की गई थी। गिरफ्तार तीनों आरोपी पूर्णिया और अररिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और स्थानीय स्तर पर सहयोग करने वाले संदिग्धों की तलाश में जुटी है। 22 अक्टूबर की रात मिली थी बड़ी वारदात की सूचना एसपी के अनुसार, 22 अक्टूबर की रात सूचना मिली थी कि अंतरजिला गिरोह के कुछ सदस्य त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र में एकत्रित होकर आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार, त्रिवेणीगंज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इसमें अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानाध्यक्षों को शामिल किया गया। पुलिस टीम पिछले कई दिनों से गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। तकनीकी और अन्य माध्यमों से संदिग्धों की पहचान करने के बाद सूचना का सत्यापन किया गया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर छापेमारी की और तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर तलाशी ली। पूर्णिया और अररिया के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के पिपरा वार्ड नंबर-12 निवासी अजय यादव, बेला बदन वार्ड नंबर-14 निवासी फूलो ततमा और अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के खजुरी बाजार वार्ड नंबर-7 निवासी शशि ठाकुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने सुपौल में आपराधिक वारदात की योजना बनाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, मामले में आगे की जांच जारी है। हथियारों के साथ गृहभेदन के उपकरण भी जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच देसी कट्टा, एक पिस्टल और 17 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल, हथौड़े, प्लाय कटर और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल घरों में चोरी या सेंधमारी समेत अन्य आपराधिक घटनाओं में किया जा सकता था। स्थानीय सहयोगियों और पुराने मामलों की भी जांच एसपी ने बताया कि गिरोह को स्थानीय स्तर पर कुछ संदिग्ध लोगों का सहयोग मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में राजेश्वरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही, गिरोह के नेटवर्क और पूर्व में हुई आपराधिक घटनाओं में उसकी संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। सुपौल में बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे अंतरजिला गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से पांच देसी कट्टा, एक पिस्टल और 17 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने एक मोटरसाइकिल, हथौड़े, प्लाय कटर समेत अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों का इस्तेमाल गृहभेदन समेत अन्य आपराधिक घटनाओं में किया जा सकता था। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने कथित तौर पर गिरोह की योजना विफल कर दी। शनिवार को एसपी शरथ आरएस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि जिले में गंभीर आपराधिक घटना की साजिश रचे जाने की सूचना मिलने के बाद विशेष टीम गठित की गई थी। गिरफ्तार तीनों आरोपी पूर्णिया और अररिया जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और स्थानीय स्तर पर सहयोग करने वाले संदिग्धों की तलाश में जुटी है। 22 अक्टूबर की रात मिली थी बड़ी वारदात की सूचना एसपी के अनुसार, 22 अक्टूबर की रात सूचना मिली थी कि अंतरजिला गिरोह के कुछ सदस्य त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र में एकत्रित होकर आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार, त्रिवेणीगंज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इसमें अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानाध्यक्षों को शामिल किया गया। पुलिस टीम पिछले कई दिनों से गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। तकनीकी और अन्य माध्यमों से संदिग्धों की पहचान करने के बाद सूचना का सत्यापन किया गया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर छापेमारी की और तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर तलाशी ली। पूर्णिया और अररिया के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के पिपरा वार्ड नंबर-12 निवासी अजय यादव, बेला बदन वार्ड नंबर-14 निवासी फूलो ततमा और अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के खजुरी बाजार वार्ड नंबर-7 निवासी शशि ठाकुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने सुपौल में आपराधिक वारदात की योजना बनाने की बात स्वीकार की है। हालांकि, मामले में आगे की जांच जारी है। हथियारों के साथ गृहभेदन के उपकरण भी जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच देसी कट्टा, एक पिस्टल और 17 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल, हथौड़े, प्लाय कटर और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल घरों में चोरी या सेंधमारी समेत अन्य आपराधिक घटनाओं में किया जा सकता था। स्थानीय सहयोगियों और पुराने मामलों की भी जांच एसपी ने बताया कि गिरोह को स्थानीय स्तर पर कुछ संदिग्ध लोगों का सहयोग मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में राजेश्वरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही, गिरोह के नेटवर्क और पूर्व में हुई आपराधिक घटनाओं में उसकी संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

