बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान मोकामा में अनंत सिंह के समर्थन वाले अनुज सिंह के समर्थकों और नीरज कुमार के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चल रहे मतदान के बीच मोकामा में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मोकामा ब्लॉक कार्यालय में बने मतदान केंद्र के पास जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थक और मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह समर्थित जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों गुटों के बीच शुरू हुई बहस जल्द ही धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई, जिससे मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए।
ब्लॉक कार्यालय के पास हंगामा, SDPO ने संभाला मोर्चा
ब्लॉक ऑफिस में बने मतदान केंद्र के बाहर दोनों गुटों के आक्रामक होने की खबर मिलते ही बाढ़ के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) रामकृष्ण भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिससे स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया गया।
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई की बदौलत मतदान प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी रही और जल्द ही स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई।
प्रतिष्ठा की जंग बनी पटना स्नातक सीट
गौरतलब है कि JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी सीट बचाने के लिए चुनावी मैदान में हैं। वहीं, मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को अपना पूरा समर्थन दे दिया है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुरानी रंजिश के कारण यह मुकाबला बेहद संवेदनशील और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। मोकामा और उसके आसपास के सभी संवेदनशील पोलिंग स्टेशनों पर पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
सारण में जन सुराज उम्मीदवार पर FIR
दूसरी तरफ, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अफाक अहमद के खिलाफ छपरा टाउन पुलिस स्टेशन में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा अनिवार्य 48 घंटे के साइलेंस पीरियड के बावजूद पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अपील पोस्ट की गई। इस पोस्ट में मतदाताओं से उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की गई थी और शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया गया था।


पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने और प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की…