दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही कैल्शियम कार्बाइड से चलने वाली देसी गन को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया है।उज्जैन पुलिस ने कार्बाइड गन के निर्माण, खरीदने-बेचने और उपयोग को प्रतिबंधित बताते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि कार्बाइड गन का निर्माण या बड़े स्तर पर उत्पादन करते हुए कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आपराधिक रिकॉर्ड मिलने पर आवश्यकतानुसार राष्ट्रीय सुरक्षा कानून(NSA)के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी गन की बिक्री या उपयोग न करें और इसकी जानकारी मिलने पर तत्काल डायल 112 या नजदीकी थाने को सूचना दें। पिछले साल दीपावली के दौरान कार्बाइड गन के धमाकों से मध्यप्रदेश के 11 जिलों में 292 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें बड़ी संख्या बच्चों की थी। उज्जैन जिले में ही 15 मामले सामने आए थे। कई लोगों की आंखों में गंभीर चोटें आई थीं। इसी खतरे को देखते हुए इस बार पुलिस ने सघन जांच और जागरूकता अभियान चलाने की बात कही है। चिंगारी लगते ही होता है तेज धमाका कार्बाइड गन प्लास्टिक पाइप, गैस लाइटर और कैल्शियम कार्बाइड से बनाई जाती है। इसमें कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आने पर एसिटिलीन गैस बनाता है। गैस में चिंगारी लगने से तेज धमाका होता है। बच्चे अक्सर इसे खिलौना समझकर चलाते हैं, जबकि इसका विस्फोट गंभीर चोट का कारण बन सकता है। पाइप फटने या उसके टुकड़े लगने से आंख, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। आंखों के कॉर्निया और रेटिना पर चोट लगने से दृष्टि प्रभावित होने का खतरा रहता है। रील बनाने के चक्कर में बढ़ रहा इस्तेमाल सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने के चक्कर में भी बच्चे और युवा इस तरह की गन का इस्तेमाल करते हैं। धमाके का वीडियो बनाने की कोशिश में वे खतरे को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की जरूरत है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्बाइड गन को खिलौना समझकर खरीदना या चलाना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। एसपी ने की अपील, सूचना मिलने पर करें शिकायत एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि पिछले साल कई जिलों में कार्बाइड गन के कारण लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने और शारीरिक चोट लगने की घटनाएं सामने आई थीं। इस बार मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सघन चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कार्बाइड गन का निर्माण और उपयोग करने का प्रयास न करें। यदि कहीं इसका निर्माण, बिक्री या इस्तेमाल होता दिखाई दे तो पुलिस को सूचना दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का पूर्ण प्रतिबंध, दुकानों से सोशल मीडिया तक निगरानी मध्यप्रदेश सरकार ने कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के खतरनाक इस्तेमाल, निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। पुलिस रासायनिक पदार्थों, हार्डवेयर, फैब्रिकेशन और वेल्डिंग की दुकानों की जांच कर रही है। ऑनलाइन बिक्री और सोशल मीडिया पर कार्बाइड गन के साथ वीडियो व रील बनाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई होगी।

