नालंदा में हॉस्टल से लापता छात्र की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। शव पंचान नदी से बरामद हुआ है। मृतक की पहचान पटना जिले के बुढरा गांव निवासी आलोक राज के बेटे आनंद कुमार (15) के रूप में हुई है। पिता ने बेटे की हत्या किए जाने का दावा किया है। स्कूल के टीचर पर बेटे की पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। स्कूल के सभी टीचर-स्टाफ फरार हैं। शव मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बिहार शरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। स्कूल के सामने शव रखकर प्रदर्शन हो रहा है। इलाके में तनाव को देखते हुए स्कूल परिसर और घटनास्थल पर 2 थानों की पुलिस मौजूद है।अतिरिक्त सुरक्षा बल को बुलाया गया है। हंगामे की 3 तस्वीरें… फोरलेन जाम, स्थिति तनावपूर्ण
शव बरामद होते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश दोबारा भड़क उठा। गुस्साए लोगों ने कोसुक के पास मुख्य मार्ग पर शव को रखकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद दीपनगर थाना की पुलिस आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी है। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल परिसर में भी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और स्कूल प्रशासन के फरार कर्मियों की तलाश की जा रही है। कल ही हॉस्टल छोड़ने आए थे परिजन आनंद कुमार दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल में 8वीं का छात्र था और स्कूल के हॉस्टल में रहता था। आनंद कुमार दुर्गा पूजा की छुट्टियां बिताकर शुक्रवार दोपहर को ही हॉस्टल लौटा था। परिजन शुक्रवार को करीब 12 बजे बच्चे को हॉस्टल छोड़कर निकले थे। वो घर पहुंचे भी नहीं थे कि 3 बजे स्कूल प्रशासन की तरफ से फोन कर पहले आनंद के भाग जाने और फिर पंचाने नदी में डूबने की सूचना दी गई। जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए शुक्रवार को भी सड़क जाम कर दिया था। जिसे प्रशासन ने देर रात करीब 11 बजे समझा-बुझाकर हटवाया था। पिता बोले- स्कूल के डायरेक्टर और शिक्षकों ने मार डाला छात्र के पिता आलोक राज ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों पर बेटे की पीट-पीटकर हत्या करने और शव को नदी में फेंकने का आरोप लगाया है। बिलखते हुए पिता ने कहा, ‘हम अपने बेटे को स्कूल पहुंचाने आए थे। शिक्षक धीरज, रविंद्र, कौशल, मदन प्रसाद और रविंद्र के भतीजे समेत अन्य लोगों ने मिलकर मेरे बेटे को मार डाला और नदी में फेंक दिया।’ स्थानीय निवासी देवेन्द्र पासवान ने बताया, ‘टीचर ने मिलकर बच्चे को मारा है। श्मशान की जमीन पर स्कूल बना है। तत्कालीन डीएम त्यागराजन ने स्कूल को नोटिस भी दिया था। यहां अवैध कब्जा किया है। इस स्कूल को बंद करवा देना चाहिए।’ गोताखोरों की मदद से एक घंटे में मिला शव शनिवार की सुबह एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से पंचाने नदी में फिर से सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों के प्रयासों से छात्र के शव को पानी से बाहर निकाला गया। नालंदा में हॉस्टल से लापता छात्र की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। शव पंचान नदी से बरामद हुआ है। मृतक की पहचान पटना जिले के बुढरा गांव निवासी आलोक राज के बेटे आनंद कुमार (15) के रूप में हुई है। पिता ने बेटे की हत्या किए जाने का दावा किया है। स्कूल के टीचर पर बेटे की पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। स्कूल के सभी टीचर-स्टाफ फरार हैं। शव मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बिहार शरीफ-राजगीर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। स्कूल के सामने शव रखकर प्रदर्शन हो रहा है। इलाके में तनाव को देखते हुए स्कूल परिसर और घटनास्थल पर 2 थानों की पुलिस मौजूद है।अतिरिक्त सुरक्षा बल को बुलाया गया है। हंगामे की 3 तस्वीरें… फोरलेन जाम, स्थिति तनावपूर्ण
शव बरामद होते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश दोबारा भड़क उठा। गुस्साए लोगों ने कोसुक के पास मुख्य मार्ग पर शव को रखकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद दीपनगर थाना की पुलिस आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी है। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल परिसर में भी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और स्कूल प्रशासन के फरार कर्मियों की तलाश की जा रही है। कल ही हॉस्टल छोड़ने आए थे परिजन आनंद कुमार दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित सनबीम सेंट्रल स्कूल में 8वीं का छात्र था और स्कूल के हॉस्टल में रहता था। आनंद कुमार दुर्गा पूजा की छुट्टियां बिताकर शुक्रवार दोपहर को ही हॉस्टल लौटा था। परिजन शुक्रवार को करीब 12 बजे बच्चे को हॉस्टल छोड़कर निकले थे। वो घर पहुंचे भी नहीं थे कि 3 बजे स्कूल प्रशासन की तरफ से फोन कर पहले आनंद के भाग जाने और फिर पंचाने नदी में डूबने की सूचना दी गई। जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए शुक्रवार को भी सड़क जाम कर दिया था। जिसे प्रशासन ने देर रात करीब 11 बजे समझा-बुझाकर हटवाया था। पिता बोले- स्कूल के डायरेक्टर और शिक्षकों ने मार डाला छात्र के पिता आलोक राज ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों पर बेटे की पीट-पीटकर हत्या करने और शव को नदी में फेंकने का आरोप लगाया है। बिलखते हुए पिता ने कहा, ‘हम अपने बेटे को स्कूल पहुंचाने आए थे। शिक्षक धीरज, रविंद्र, कौशल, मदन प्रसाद और रविंद्र के भतीजे समेत अन्य लोगों ने मिलकर मेरे बेटे को मार डाला और नदी में फेंक दिया।’ स्थानीय निवासी देवेन्द्र पासवान ने बताया, ‘टीचर ने मिलकर बच्चे को मारा है। श्मशान की जमीन पर स्कूल बना है। तत्कालीन डीएम त्यागराजन ने स्कूल को नोटिस भी दिया था। यहां अवैध कब्जा किया है। इस स्कूल को बंद करवा देना चाहिए।’ गोताखोरों की मदद से एक घंटे में मिला शव शनिवार की सुबह एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से पंचाने नदी में फिर से सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों के प्रयासों से छात्र के शव को पानी से बाहर निकाला गया।

