केरलम में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने शबरिमला मंदिर के लिए भेजे गए ‘मिल्मा’ ब्रांड के 11,000 लीटर घी की कथित तौर पर हेराफेरी करने और उसकी जगह सस्ता घी पहुंचाने के आरोप में एक परिवहन ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस हेराफेरी से त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) को करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एस. एस. बीनू के रूप में हुई है, जिसे 2025 के तीर्थयात्रा सत्र के दौरान शबरिमला मंदिर तक घी पहुंचाने का ठेका दिया गया था। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। केरलम उच्च न्यायालय ने शबरिमला मंदिर के लिए घी की खरीद और उसकी गुणवत्ता में कथित अनियमितताओं की जांच का निर्देश दिया था, जिसके बाद वीएसीबी की विशेष जांच इकाई मामले की जांच कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि वीएसीबी की टीम ने बीनू को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। ‘मिल्मा’ केरलम सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (केसीएमएमएफ) का ब्रांड है। वीएसीबी के अनुसार, त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड ने भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाने वाले ‘अरवना पायसम’ को तैयार करने के लिए मिल्मा का घी खरीदा था।
‘अरवना पायसम’ लाल चावल, गुड़ और घी से तैयार की जाने वाली एक मिठाई है। अधिकारियों ने बताया कि टीडीबी ने बिना निविदा मंगाए पत्तनमथिट्टा स्थित मिल्मा डेयरी को सीधे घी की आपूर्ति का ठेका दिया था। इसके बाद घी के परिवहन का ठेका बीनू को सौंपा गया।
वीएसीबी ने आरोप लगाया कि शबरिमला मंदिर के लिए भेजे गए असली घी को तमिलनाडु की दो एजेंसियों के पास पहुंचा दिया गया और उसकी जगह मंदिर में सस्ता घी भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि बीनू ने फर्जी बिल समेत जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके असली घी की खेप तमिलनाडु के ओट्टनचथिरम स्थित ‘श्री वेंकटेश्वर ट्रेडर्स’ और ‘लियो ट्रेडर्स’ को भेज दी। वीएसीबी के अनुसार, असली घी की कथित हेराफेरी और उसकी जगह सस्ता घी भेजे जाने से टीडीबी को करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

