धनबाद में बजुर्ग को हाइवा ने कुचला; मौत:मूर्ति विसर्जन से लौटते समय हुआ हादसा, मुआवजे के लिए 3 घंटे रखा सड़क जाम

धनबाद में बजुर्ग को हाइवा ने कुचला; मौत:मूर्ति विसर्जन से लौटते समय हुआ हादसा, मुआवजे के लिए 3 घंटे रखा सड़क जाम

धनबाद के झरिया कतरास मोड़ स्थित सिंह नगर के पास हाइवा की चपेट में आने से 55 वर्षीय नारायण ठाकुर की मौत हो गई। वह झरिया के मानबाद के रहने वाले थे। वह ऊपर राजबाड़ी में सैलून चलाते थे। बताया जाता है कि नारायण अपने तीनों बेटों विनय, सोनू और मोनू के साथ राजबाड़ी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में शामिल हुए थे। जुलूस सिंह नगर स्थित छठ तालाब पहुंचा था। विसर्जन में देरी होने के कारण नारायण अकेले घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाइवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। भारी वाहनों पर रोक की मांग, तीन घंटे तक सड़क जाम नारायण ठाकुर की मौत से आक्रोशित लोगों ने झरिया-केंदुआ मेन रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने, सीसीटीवी फुटेज के जरिए दुर्घटना में शामिल हाइवा की पहचान करने और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क पर भारी वाहनों की चपेट में आने से अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सड़क जाम के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। स्थिति की जानकारी मिलने पर सिंदरी डीएसपी प्रकाशचंद्र महतो, झरिया इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार पांडेय और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने और जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन मुआवजे और भारी वाहनों के परिचालन को लेकर लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। 8.5 लाख रुपए मुआवजे पर बनी सहमति मामले की गंभीरता को देखते हुए झरिया विधायक रागिनी सिंह, मेयर संजीव सिंह और झरिया सीओ मनोज कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों और मृतक के परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रहने के बाद कुल 8.5 लाख रुपए के मुआवजे पर सहमति बनी। विधायक और मेयर की मौजूदगी में मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए नकद दिए गए। इसके अलावा हिट एंड रन के तहत 2.5 लाख रुपए और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक लाख रुपए देने पर सहमति बनी। मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। हादसे की वजह से विसर्जन में भी हुई देरी हादसे का असर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम पर भी पड़ा। नारायण ठाकुर की मौत के बाद उत्पन्न तनाव और सड़क जाम के कारण विसर्जन की प्रक्रिया करीब दो घंटे देर से पूरी हुई। एक ओर परिवार ने अपने सदस्य को खो दिया, वहीं दूसरी ओर घटना ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को फिर सामने ला दिया। लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्गों और आबादी वाले इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। मौके पर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से फरार हाइवा की पहचान करने की मांग भी उठाई गई है। धनबाद के झरिया कतरास मोड़ स्थित सिंह नगर के पास हाइवा की चपेट में आने से 55 वर्षीय नारायण ठाकुर की मौत हो गई। वह झरिया के मानबाद के रहने वाले थे। वह ऊपर राजबाड़ी में सैलून चलाते थे। बताया जाता है कि नारायण अपने तीनों बेटों विनय, सोनू और मोनू के साथ राजबाड़ी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में शामिल हुए थे। जुलूस सिंह नगर स्थित छठ तालाब पहुंचा था। विसर्जन में देरी होने के कारण नारायण अकेले घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाइवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। भारी वाहनों पर रोक की मांग, तीन घंटे तक सड़क जाम नारायण ठाकुर की मौत से आक्रोशित लोगों ने झरिया-केंदुआ मेन रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने, सीसीटीवी फुटेज के जरिए दुर्घटना में शामिल हाइवा की पहचान करने और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क पर भारी वाहनों की चपेट में आने से अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सड़क जाम के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। स्थिति की जानकारी मिलने पर सिंदरी डीएसपी प्रकाशचंद्र महतो, झरिया इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार पांडेय और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने और जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन मुआवजे और भारी वाहनों के परिचालन को लेकर लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। 8.5 लाख रुपए मुआवजे पर बनी सहमति मामले की गंभीरता को देखते हुए झरिया विधायक रागिनी सिंह, मेयर संजीव सिंह और झरिया सीओ मनोज कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों और मृतक के परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रहने के बाद कुल 8.5 लाख रुपए के मुआवजे पर सहमति बनी। विधायक और मेयर की मौजूदगी में मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए नकद दिए गए। इसके अलावा हिट एंड रन के तहत 2.5 लाख रुपए और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक लाख रुपए देने पर सहमति बनी। मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। हादसे की वजह से विसर्जन में भी हुई देरी हादसे का असर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम पर भी पड़ा। नारायण ठाकुर की मौत के बाद उत्पन्न तनाव और सड़क जाम के कारण विसर्जन की प्रक्रिया करीब दो घंटे देर से पूरी हुई। एक ओर परिवार ने अपने सदस्य को खो दिया, वहीं दूसरी ओर घटना ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को फिर सामने ला दिया। लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्गों और आबादी वाले इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। मौके पर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से फरार हाइवा की पहचान करने की मांग भी उठाई गई है।  

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