देश का सबसे प्रदूषित शहर बना मेरठ:300 पार पहुंचा AQI दिन का तापमान 30 डिग्री से ऊपर बरकरार, रात में ठंड

देश का सबसे प्रदूषित शहर बना मेरठ:300 पार पहुंचा AQI दिन का तापमान 30 डिग्री से ऊपर बरकरार, रात में ठंड

मेरठ में जैसे- जैसे सर्दी का समय नजदीक आ रहा है वैसे ही वायु प्रदूषण भी लगातार बढ़ रहा है। बीते दिन मेरठ की हवा देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के बुलेटिन के अनुसार, मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 301 रहा। हरियाणा के मानेसर में भी AQI 301 दर्ज किया गया। वहीं, मेरठ में रात के समय प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा और रात 8:01 बजे AQI 388 तक पहुंच गया। शहर में दिनभर वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव बना रहा। सुबह 10:01 बजे AQI 261 दर्ज किया गया। आधे घंटे बाद यह घटकर 250 रह गया। इसके बाद प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा। दोपहर 2:01 बजे AQI 292, शाम 4:01 बजे 315 और शाम 6:01 बजे 322 दर्ज किया गया। शाम 7:31 बजे यह बढ़कर 338 पर पहुंच गया। रात 8:01 बजे AQI 388 दर्ज किया गया। हालांकि, इसके बाद इसमें गिरावट आई। रात 8:31 बजे AQI 352 और रात 9:01 बजे 313 दर्ज किया गया। नाला क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रदूषण शहर के अलग-अलग निगरानी केंद्रों के आंकड़ों में नाला क्षेत्र (काली नदी पूर्वी) सबसे प्रदूषित रहा। यहां AQI 371 दर्ज किया गया। गांधी नगर में यह 317 और गांधी नगर स्टेशन-1 पर करीब 315 रहा। कसेरू बक्सर में AQI 292, मेरठ कैंट में 279, बी ब्लॉक में 274 और लाजपत बाजार में 254 दर्ज किया गया। इसके मुकाबले मोदीपुरम में AQI 207 रहा, जो उपलब्ध आंकड़ों में सबसे कम था। रात में बढ़ रही ठंड, दिन का तापमान 30 डिग्री से ऊपर शहर में दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि रात में ठंडक बढ़ रही है। मौसम में बदलाव का दौर आगे भी जारी रहने और तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है। बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह प्रदूषण का बढ़ता स्तर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। इससे आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में प्रदूषण अधिक रहने पर खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से बचना चाहिए। सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।सुझाव: डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए पहली हेडलाइन सबसे उपयुक्त है। रात के समय दर्ज अधिकतम AQI को भी प्रमुखता देनी हो तो तीसरी हेडलाइन बेहतर रहेगी। नाला क्षेत्र में पीएम 2.5 का स्तर 260 और पीएम 10 का स्तर 305 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 2.5 और पीएम 10 हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों को दर्शाते हैं। पीएम 2.5 के कण इतने छोटे होते हैं कि सांस के साथ फेफड़ों में गहराई तक पहुंच सकते हैं। इनसे सांस संबंधी परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है। शुष्क मौसम और धीमी हवा से बढ़ रहा प्रदूषण क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद के अनुसार, शुष्क मौसम, हवा की कम गति और रात के तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक गतिविधियों से होने वाला उत्सर्जन भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है। हवा की गति कम होने से प्रदूषक तत्व वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।

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