: रामलला के दर्शन पास को दोगुना करने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब आरती पास में भी वृद्धि करने पर मंथन कर रहा है। आवश्यक होने पर आनलाइन बुकिंग व्यवस्था भी बदली जाएगी। दर्शन पास की भांति इसमें भी अनेक चरण लागू किए जा सकते हैं। इस पास की अग्रिम बुकिंग कितने दिन पहले होगी, इस पर अभी विचार-विमर्श चल रहा है। यदि दर्शन पास की व्यवस्था को ही लागू किया गया, तो श्रद्धालुओं को काफी आसानी होगी। वह अपनी यात्रा की योजना बनाकर रेलवे टिकट की तरह ट्रस्ट की वेबसाइट से आरती पास की भी अग्रिम बुकिंग कर सकेगे।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, राम मंदिर में होने वाली रामलला व राम परिवार की तीन आरतियों (मंगला, श्रृंगार व शयन) में रामभक्तों को पास के माध्यम से शामिल कराता है। आरती पास आनलाइन व आफलाइन बनते हैं। प्रतिदिन रामलला की तीनों आरतियों के 100-100 पास और राम परिवार के 45-45 पास जारी होते हैं। सभी पास ट्रस्टियों की संस्तुति पर ही जारी होते हैं। आनलाइन बुकिंग अभी 15 दिन पहले होती है, जबकि आफलाइन पास छह दिन पहले तक बनते हैं। श्रद्धालुओं को यात्री सुविधा केंद्र में भौतिक उपस्थिति पर भी पास मिलते हैं। मंगला व श्रृंगार आरती के लिए एक दिन पहले और शयन आरती के लिए उसी दिन सुबह उपलब्धता के आधार पर पास मिलते हैं। गत दिनों महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ने आनलाइन सुगम दर्शन पास में दोगुनी बढ़ोतरी करके प्रतिदिन की संख्या 975 से 2000 कर दी है। प्रत्येक छह स्लाटों में दो-दो हजार पास निर्गत हो रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि अब आरती पास में भी वृद्धि की योजना बनी है। दीपावली से पहले महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि का आगमन होगा, तो कोई निर्णय लिया जा सकता है। पहले रामलला के आरती पास बढ़ेंगे, बाद में राम परिवार के। अभी तक के आरती पासधारकों को मनचाही आरती में शामिल होने की छूट है, परंतु सुरक्षा कारणों से ऐसा संभव नहीं हो पाता है।

