टीकमगढ़ की सुभाषपुरम कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार रात श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव मनाया गया। जन्मोत्सव और नंदोत्सव के बधाई गीतों पर बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज के साथ श्रद्धालु झूम उठे। ध्रुव-प्रह्लाद की कथा से दिया भक्ति का संदेश कथावाचक महंत मदनमोहन दास महाराज ने सती चरित्र के साथ भक्त ध्रुव और प्रह्लाद के प्रसंग सुनाए। उन्होंने बताया कि भगवान को पाने की कोई उम्र नहीं होती और सच्चे भक्त की रक्षा भगवान खुद करते हैं। कथा में बताया गया कि ध्रुव ने पांच साल की उम्र में भगवान विष्णु के दर्शन किए थे। समुद्र मंथन से वामन अवतार तक के प्रसंग सुनाए कथा में राजा वेन, भगवान पृथु, प्राचीन बर्हि, प्रचेता गण और देवर्षि नारद के उपदेशों का वर्णन किया गया। पुरंजन उपाख्यान के जरिए जन्म-मरण के चक्र को समझाया गया। इसके अलावा गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, राजा बलि और श्रीराम जन्म के प्रसंग भी सुनाए गए। महंत ने कहा कि भगवान की कृपा और संतों की शरण के बिना भगवत्प्राप्ति मुश्किल है।

