आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान बृहस्पतिवार को 13 जिलों में हिंसा और नामांकन नष्ट किए जाने सहित चुनाव से जुड़ी 31 घटनाएं दर्ज की गईं। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि दर्ज की गई कुल घटनाओं में से 22 घटनाएं हिंसा, झड़प और सार्वजनिक कानून-व्यवस्था में व्यवधान से जुड़ी थीं, जबकि नौ घटनाएं नामांकन पत्र छीनने या फाड़ने से संबंधित थीं।
डीजीपी के अनुसार, अनंतपुर जिले में सबसे ज्यादा आठ घटनाएं सामने आईं। इसके बाद अन्नमय्या, कडप्पा, प्रकाशम और तिरुपति जिलों में तीन-तीन घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं चित्तूर, श्री सत्य साई और पलनाडु में दो-दो तथा पांच अन्य जिलों में एक-एक घटना घटी।
उन्होंने बताया कि राज्य भर में नामांकन पत्र छीनने या नष्ट करने के कुल 16 मामले सामने आए। इसके अलावा छह घटनाओं में पथराव या लाठी-डंडों से हमला किया गया, जबकि चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। डीजीपी ने बताया कि उपद्रवियों ने दो घरों को नुकसान पहुंचाया और एक घर को बुलडोजर से ढहा दिया।
इस दौरान हवा में गोलीबारी की एक घटना भी सामने आई, जबकि तीन स्थानों पर मार्ग अवरोध, धरना-प्रदर्शन या यातायात बाधित किया गया। हिंसा के दौरान तीन उम्मीदवारों को नामांकन केंद्र ले जा रहे पुलिस वाहन पर पथराव किया गया, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा एक उम्मीदवार समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि तीन अलग-अलग झड़पों में कई अन्य लोगों को चोटें आई हैं।
इन घटनाओं में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और निर्दलीय उम्मीदवारों को निशाना बनाया गया। डीजीपी गुप्ता ने बताया कि मंडल परिषद कार्यालय के मुख्य द्वारों पर, नामांकन केंद्रों के भीतर और निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अंदर नामांकन पत्र छीने या फाड़े गए। एक मामले में तो उम्मीदवार जब पुलिस को अपने दस्तावेज दिखा रहा था, तभी पत्र छीन लिए गए।
पुलिस ने अब तक 16 मामले दर्ज किए हैं, जबकि 11 अन्य घटनाओं में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया गया है और कम से कम 54 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत एहतियाती कार्रवाई की है।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को तीन मौकों पर लाठीचार्ज करना पड़ा और दो आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।

