5 Steps: त्योहारी सीजन में नकली आभूषणों को पहचान में मदद करेगी App; असली या नकली सोने-चांदी की पहचान का तरीका जानिए

5 Steps: त्योहारी सीजन में नकली आभूषणों को पहचान में मदद करेगी App; असली या नकली सोने-चांदी की पहचान का तरीका जानिए

Gold Silver Purity Check By Smartphone App: त्योहारी सीजन शुरू होते ही बाजार में सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी बढ़ने लगी है। धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों पर ज्यादातर लोग गहने खरीदते हैं। इस दौरान ग्राहकों के सामने मिलावटी या कम शुद्धता वाले आभूषण मिलने की आशंका भी रहती है। ऐसे में सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता और हॉलमार्क की जांच करना जरूरी है। आप भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के ‘BIS Care APP’ (बीआईएस केयर एप) की मदद से ज्वेलर की दुकान पर ही हॉलमार्क वाले आभूषण की जानकारी जांची जा सकती है। इसके लिए आभूषण पर दर्ज छह अंकों का HUID नंबर ऐप में डालना होगा।

उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा, App के ‘Verify HUID’ विकल्प से ग्राहक आभूषण के हॉलमार्क और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

फोटो-Ai
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स्मार्टफोन से कैसे जांचें सोने की शुद्धता

सोने के आभूषण खरीदते समय ग्राहक अपने मोबाइल फोन से ही उसका HUID नंबर सत्यापित कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

चरण क्या करें?
1 अपने स्मार्टफोन में BIS Care ऐप डाउनलोड करें।
2 ऐप खोलकर ‘Verify HUID’ विकल्प चुनें।
3 आभूषण पर अंकित छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID नंबर दर्ज करें।
4 ऐप पर दिखाई गई जानकारी को आभूषण और उसकी हॉलमार्किंग से जुड़े विवरण से मिलाएं।
5 अगर ऐप में दर्ज जानकारी आभूषण के विवरण से मेल नहीं खाती है, तो खरीदारी से पहले ज्वेलर से स्पष्टीकरण मांगें।

APP के माध्यम से आभूषण की पहचान, उसकी हॉलमार्किंग और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी मिल सकती है। इससे ग्राहक को खरीदारी के समय सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।

क्या होता है HUID नंबर?

HUID का पूरा नाम Hallmark Unique Identification Number (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) है। यह छह अंकों का एक विशेष कोड होता है, जिसमें अक्षर और अंक दोनों शामिल होते हैं। हॉलमार्क किए गए प्रत्येक आभूषण के लिए यह कोड अलग होता है। HUID नंबर के जरिए ग्राहक यह पता लगा सकते हैं कि आभूषण की हॉलमार्किंग से जुड़ा आधिकारिक रिकॉर्ड क्या है। इससे आभूषण की पहचान और उस पर दर्ज विवरण को सत्यापित करने में मदद मिलती है।

अगर App में दिखाई गई जानकारी और आभूषण के विवरण में अंतर मिले, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ग्राहक को संबंधित ज्वेलर से जानकारी लेनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर BIS में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

फोटो-AI
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जुलाई 2021 से लागू है HUID आधारित हॉलमार्किंग

सोने के आभूषणों की पहचान और शुद्धता से जुड़े रिकॉर्ड को बेहतर बनाने के लिए जुलाई 2021 से HUID आधारित हॉलमार्किंग व्यवस्था लागू की गई। वहीं, एक सितंबर 2025 से सोने की तर्ज पर चांदी के आभूषणों में भी HUID आधारित हॉलमार्किंग शुरू हो चुकी है।

सोने की किन कैरेट श्रेणियों पर होती है हॉलमार्किंग?

भारतीय बाजार में सोने के आभूषणों की सात कैरेट श्रेणियां हॉलमार्किंग के दायरे में शामिल हैं। इनमें 9, 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट की श्रेणियां शामिल हैं। कैरेट से सोने की शुद्धता का पता चलता है। सामान्य तौर पर 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है, जबकि 22, 18 और अन्य कैरेट के आभूषणों में निर्धारित अनुपात में दूसरी धातुएं भी मिलाई जाती हैं। आभूषण खरीदते समय केवल कैरेट का नाम देखना पर्याप्त नहीं है। ग्राहक को हॉलमार्क और HUID की जानकारी भी सत्यापित करनी चाहिए।

BIS Care ऐप से दर्ज करें शिकायत

BIS Care ऐप केवल HUID सत्यापित करने के लिए ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायत दर्ज करने के लिए भी उपयोगी है। अगर आभूषण का HUID नंबर ऐप पर उपलब्ध जानकारी से मेल नहीं खाता, गलत विवरण सामने आता है या किसी दुकानदार द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की आशंका है, तो ग्राहक ऐप के जरिए BIS को शिकायत भेज सकते हैं। शिकायत करते समय आभूषण की खरीद से जुड़े बिल, हॉलमार्क और HUID नंबर जैसी जानकारियां सुरक्षित रखना उपयोगी रहेगा। शिकायत मिलने के बाद संबंधित प्राधिकरण मामले की जांच कर सकता है और नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकता है।

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