भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता। मोना ने 357 . 5 स्कोर करके इन खेलों में दूसरा स्वर्ण अपने नाम किया। इससे पहले विश्व रिकॉर्ड 356 का था जो स्वीडन की अन्ना बेंसन के नाम था।उन्होंने इस साल जुलाई में यह रिकॉर्ड बनाया था। चीन की झांग कुइपिंग ने 353 . 7 अंक लेकर रजत और दक्षिण कोरिया की किम मियुंग ने 344 . 4 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारत की अवनि लेखरा 333 . 2 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही।पैरा निशानेबाजी में एसएच1 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके निचले या ऊपरी अंगों में कोई शारीरिक अक्षमता है लेकिन जो बिना किसी गन स्टैंड या सहारे के अपने हाथों से ही बंदूक का वजन संभाल सकते हैं। मोना ने इससे पहले महिलाओं की दस मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में खेलों के रिकॉर्ड के साथ 250 अंक लेकर स्वर्ण जीता था जबकि लेखरा को रजत पदक मिला था।
भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता। मोना ने 357 . 5 स्कोर करके इन खेलों में दूसरा स्वर्ण अपने नाम किया। इससे पहले विश्व रिकॉर्ड 356 का था जो स्वीडन की अन्ना बेंसन के नाम था।
उन्होंने इस साल जुलाई में यह रिकॉर्ड बनाया था। चीन की झांग कुइपिंग ने 353 . 7 अंक लेकर रजत और दक्षिण कोरिया की किम मियुंग ने 344 . 4 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारत की अवनि लेखरा 333 . 2 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही।
पैरा निशानेबाजी में एसएच1 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके निचले या ऊपरी अंगों में कोई शारीरिक अक्षमता है लेकिन जो बिना किसी गन स्टैंड या सहारे के अपने हाथों से ही बंदूक का वजन संभाल सकते हैं। मोना ने इससे पहले महिलाओं की दस मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में खेलों के रिकॉर्ड के साथ 250 अंक लेकर स्वर्ण जीता था जबकि लेखरा को रजत पदक मिला था।
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