Teeth Grinding: क्या आपको भी है दांत पीसने की आदत, मेयो क्लिनिक से जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Teeth Grinding: क्या आपको भी है दांत पीसने की आदत, मेयो क्लिनिक से जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Teeth Grinding: रोज सुबह जब अलार्म बजता है, तो चाय का पहला घूंट पीने से पहले ही कान के पास एक मीठा-मीठा दर्द उठता है। ऐसा लगता है मानो रात भर मुंह से कोई भारी काम किया गया हो। कई बार तो पार्टनर शिकायत करता है कि रात में दांत किटकिटाने की आवाज़ आ रही थी। अगर यह स्थिति आपकी रोज की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुकी है, तो इसे साधारण थकान या नींद की कमी मानकर अनदेखा न करें। मेडिकल भाषा में इसे ब्रक्सिज्म (Bruxism) या दांत पीसना कहते हैं। जब हम तनाव में होते हैं या अनजाने में रात में या दिन के समय गहरे ध्यान में होते हैं, तो हमारा जबड़ा अपने आप कसने लगता है। शुरुआत में यह एक छोटी सी आदत जैसी लगती है, लेकिन धीरे-धीरे यह दांतों और चेहरे के ढांचे को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाने लगती है।

Teeth Grinding में कब सावधान होना जरूरी है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, सुबह उठते ही जबड़े और कनपटी में खिंचाव- यदि हर सुबह सोकर उठने पर आपके जबड़े की मांसपेशियों में भारीपन, खिंचाव या कनपटी (माथे के दोनों तरफ) में सिरदर्द महसूस होता है, तो यह सीधा संकेत है कि रात भर आपके जबड़े ने बहुत तनाव झेला है।

  • दांतों का घिसना, चिपकना या समतल होना- शीशे में देखने पर अगर आपको लगे कि दांतों के किनारे समतल हो रहे हैं, उनमें दरारें आ रही हैं, या वे अचानक ढीले महसूस हो रहे हैं, तो यह दांतों की इनेमल (ऊपरी परत) के घिसने का लक्षण है।
  • गर्म-ठंडे की अचानक संवेदनशीलता (Sensitvity)- जब दांतों की सुरक्षात्मक परत घिस जाती है, तो ठंडा पानी या गर्म चाय पीते ही दांतों में अचानक तेज़ झनझनाहट होने लगती है।
  • कान में बिना किसी इन्फेक्शन का दर्द- कई बार जबड़े के जोड़ (TMJ) के दर्द की वजह से ऐसा लगता है मानो कान के अंदर गहरा दर्द हो रहा है, जबकि कान पूरी तरह से स्वस्थ होता है।
  • मुंह खोलने में कड़ापन या कट-कट की आवाज- खाना चबाते समय या उबासी लेते समय जबड़े से ‘पॉपिंग’ या ‘क्लिकिंग’ की आवाज़ आना या मुंह पूरा खोलने में परेशानी होना एक बड़ा रेड फ्लैग है।

यह समस्या क्यों होती है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इसके पीछे कई छिपे हो सकते हैं;

  • दिन भर का मानसिक दबाव।
  • खर्राटे लेना या स्लीप एप्निया।
  • कैफीन और लाइफस्टाइल।

Teeth Grinding से बचाव के लिए क्या उपाय अपना सकते हैं?

अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सबसे पहले किसी डेंटिस्ट से संपर्क करें। डॉक्टर आपको रात में पहनने के लिए नाइट गार्ड (Night Guard) दे सकते हैं, जो दांतों को आपस में रगड़ने से बचाता है। इसके अलावा, सोने से पहले हल्के गुनगुने पानी से जबड़े की सिकाई करना, तनाव कम करने के लिए योग या गहरी सांस लेने का अभ्यास करना काफी मददगार साबित होता है। अपने शरीर के इन छोटे-छोटे इशारों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि सही समय पर लिया गया एक छोटा सा फैसला आपको आगे की बड़ी समस्याओं और महंगे इलाज से बचा सकता है।

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