खगड़िया में विजयादशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन:डुमरिया खुर्द में रामलीला और कुश्ती प्रतियोगिता, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद

खगड़िया में विजयादशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन:डुमरिया खुर्द में रामलीला और कुश्ती प्रतियोगिता, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद

खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में शारदीय नवरात्र खत्म हो गया। विजयादशमी पर बुधवार को विभिन्न दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और खोइछा अर्पण के बाद प्रतिमा विसर्जन शुरू हुआ। मां की विदाई के समय माहौल गमगीन था। भक्तों की आंखें नम थीं, पर दिल में मां के प्रति गहरी आस्था और अगले साल फिर आने की उम्मीद थी। स्वर्ण देवी दुर्गा मंदिर नयागांव सतखुट्टी और शक्तिपीठ अष्टभुजी दुर्गा मंदिर नयागांव शिरोमणि टोला में भी मां दुर्गा की विदाई के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दस दिनों तक मां की पूजा-पाठ में लगे भक्तों के लिए यह पल भावुक कर देने वाला था। महिलाओं ने पारंपरिक गीतों से मां को विदाई दी। श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए विसर्जन जुलूस में शामिल हुए। मां की प्रतिमा के आगे बढ़ने के साथ ही भक्तों की आंखें नम होती रहीं। हर ओर ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बिशौनी में पुष्प वर्षा के बीच मां चतुर्भुजी की विदाई अति प्राचीन सिद्धपीठ मां चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर बिशौनी में विजयादशमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर की पुरानी परंपरा के अनुसार मां दुर्गा के हाथों से भक्तों को आशीर्वाद स्वरूप पुष्प प्राप्त हुआ, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘फुलाइस’ कहा जाता है। इस परंपरा को देखने और मां का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शंख, घंटा और ‘जय माता दी’ के जयघोष के बीच पुष्प वर्षा कर मां को विदाई दी गई। इसके बाद मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का पोखर में विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने नम आंखों से मां को विदा किया। विसर्जन के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया तथा बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण किया। डुमरिया बुजुर्ग में गाजे-बाजे के साथ निकला कलश विसर्जन जुलूस सियादतपुर अगुआनी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग गांव में पुरानी परंपरा के अनुसार विजयादशमी के दिन सामूहिक कलश विसर्जन किया गया। गाजे-बाजे के साथ निकले जुलूस में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कलश को पूरे गांव में भ्रमण कराने के बाद अगुआनी गंगा घाट पर विसर्जित किया गया। रंग-बिरंगे फूलों की पंखुड़ियों से सजे कलश और उसके ऊपर लगी आकर्षक छतरियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। महद्दीपुर दुर्गा मंदिर में भी कलश विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। करना गांव में भी पारंपरिक तरीके से कलश विसर्जन किया गया। नवरात्र के दौरान घरों और मंदिरों में स्थापित कलशों का विसर्जन भी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से किया। गाजे-बाजे के बीच निकली प्रतिमा विसर्जन यात्रा प्रखंड के वैष्णवी दुर्गा मंदिर खजरैठा, दुर्गा मंदिर भरतखंड ड्योढ़ी सहित विभिन्न मंदिरों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शहनाई, ढोल-नगाड़े और मां दुर्गा के जयकारों से गांवों और बाजारों का माहौल भक्तिमय बना रहा। विसर्जन जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कई जगहों पर घोड़े भी जुलूस का हिस्सा बने। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक विदाई गीत गाकर मां को विदा किया। वैष्णवी सार्वजनिक दुर्गा मंदिर मड़ैया में स्थापित प्रतिमा का विसर्जन भी धूमधाम से किया गया। मां की प्रतिमा को मड़ैया बाजार के दक्षिणी छोर पर स्थित उमानाथ मंदिर के समीप कुढ़ा धार नदी में विसर्जित किया गया। जुलूस में युवाओं ने लाठी, भाला और तलवार के पारंपरिक करतब दिखाए। ‘जय दुर्गे’ के जयकारों के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। डुमरिया खुर्द में रामलीला और कुश्ती प्रतियोगिता कबेला पंचायत के डुमरिया खुर्द गांव में शारदीय नवरात्र के अवसर पर खुले आसमान के नीचे रामलीला का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए रामलीला का मंचन किया। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विजयादशमी पर गांव में कुश्ती प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। ग्रामीण परंपरा के अनुसार गुरुवार को एकादशी के दिन गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद दशहरा पर्व के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसरों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल की तैनाती की गई थी। परबत्ता के प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार पंडित, अंचल अधिकारी हरिनाथ राम, परबत्ता थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार, मड़ैया थानाध्यक्ष मनीष कुमार और भरतखंड थानाध्यक्ष सावित्री कुमारी पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते दिखे। प्रशासन की निगरानी में विभिन्न स्थानों पर पूजा और विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हुए। खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में शारदीय नवरात्र खत्म हो गया। विजयादशमी पर बुधवार को विभिन्न दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और खोइछा अर्पण के बाद प्रतिमा विसर्जन शुरू हुआ। मां की विदाई के समय माहौल गमगीन था। भक्तों की आंखें नम थीं, पर दिल में मां के प्रति गहरी आस्था और अगले साल फिर आने की उम्मीद थी। स्वर्ण देवी दुर्गा मंदिर नयागांव सतखुट्टी और शक्तिपीठ अष्टभुजी दुर्गा मंदिर नयागांव शिरोमणि टोला में भी मां दुर्गा की विदाई के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दस दिनों तक मां की पूजा-पाठ में लगे भक्तों के लिए यह पल भावुक कर देने वाला था। महिलाओं ने पारंपरिक गीतों से मां को विदाई दी। श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए विसर्जन जुलूस में शामिल हुए। मां की प्रतिमा के आगे बढ़ने के साथ ही भक्तों की आंखें नम होती रहीं। हर ओर ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बिशौनी में पुष्प वर्षा के बीच मां चतुर्भुजी की विदाई अति प्राचीन सिद्धपीठ मां चतुर्भुजी दुर्गा मंदिर बिशौनी में विजयादशमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर की पुरानी परंपरा के अनुसार मां दुर्गा के हाथों से भक्तों को आशीर्वाद स्वरूप पुष्प प्राप्त हुआ, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘फुलाइस’ कहा जाता है। इस परंपरा को देखने और मां का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शंख, घंटा और ‘जय माता दी’ के जयघोष के बीच पुष्प वर्षा कर मां को विदाई दी गई। इसके बाद मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का पोखर में विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने नम आंखों से मां को विदा किया। विसर्जन के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया तथा बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण किया। डुमरिया बुजुर्ग में गाजे-बाजे के साथ निकला कलश विसर्जन जुलूस सियादतपुर अगुआनी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग गांव में पुरानी परंपरा के अनुसार विजयादशमी के दिन सामूहिक कलश विसर्जन किया गया। गाजे-बाजे के साथ निकले जुलूस में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कलश को पूरे गांव में भ्रमण कराने के बाद अगुआनी गंगा घाट पर विसर्जित किया गया। रंग-बिरंगे फूलों की पंखुड़ियों से सजे कलश और उसके ऊपर लगी आकर्षक छतरियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। महद्दीपुर दुर्गा मंदिर में भी कलश विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। करना गांव में भी पारंपरिक तरीके से कलश विसर्जन किया गया। नवरात्र के दौरान घरों और मंदिरों में स्थापित कलशों का विसर्जन भी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से किया। गाजे-बाजे के बीच निकली प्रतिमा विसर्जन यात्रा प्रखंड के वैष्णवी दुर्गा मंदिर खजरैठा, दुर्गा मंदिर भरतखंड ड्योढ़ी सहित विभिन्न मंदिरों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शहनाई, ढोल-नगाड़े और मां दुर्गा के जयकारों से गांवों और बाजारों का माहौल भक्तिमय बना रहा। विसर्जन जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कई जगहों पर घोड़े भी जुलूस का हिस्सा बने। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक विदाई गीत गाकर मां को विदा किया। वैष्णवी सार्वजनिक दुर्गा मंदिर मड़ैया में स्थापित प्रतिमा का विसर्जन भी धूमधाम से किया गया। मां की प्रतिमा को मड़ैया बाजार के दक्षिणी छोर पर स्थित उमानाथ मंदिर के समीप कुढ़ा धार नदी में विसर्जित किया गया। जुलूस में युवाओं ने लाठी, भाला और तलवार के पारंपरिक करतब दिखाए। ‘जय दुर्गे’ के जयकारों के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। डुमरिया खुर्द में रामलीला और कुश्ती प्रतियोगिता कबेला पंचायत के डुमरिया खुर्द गांव में शारदीय नवरात्र के अवसर पर खुले आसमान के नीचे रामलीला का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए रामलीला का मंचन किया। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विजयादशमी पर गांव में कुश्ती प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। ग्रामीण परंपरा के अनुसार गुरुवार को एकादशी के दिन गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद दशहरा पर्व के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसरों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल की तैनाती की गई थी। परबत्ता के प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार पंडित, अंचल अधिकारी हरिनाथ राम, परबत्ता थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार, मड़ैया थानाध्यक्ष मनीष कुमार और भरतखंड थानाध्यक्ष सावित्री कुमारी पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते दिखे। प्रशासन की निगरानी में विभिन्न स्थानों पर पूजा और विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हुए।  

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